तभी सामने आया अतीक-अशरफ की हत्या का वीडियो
गांव के लोगों ने बताया कि सुबह आठ से नौ बजे के बीच परिवार के लोग गोलगप्पे की तैयारी कर रहे थे। उसके बाद अचानक कहीं चले गए। सोरोंजी इंस्पेक्टर डीके त्यागी पुलिस टीम के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने प्रयागराज से आए फोटो के माध्यम से ग्रामीणों से अरुण मौर्य की पहचान कराई और परिवार के बारे में जानकारियां जुटाईं। ग्रामीणों को जब इस मामले की जानकारी हुई तो वे भी चौंक गए और चुप्पी साध गए।
शूटर अरुण मौर्य के पिता दीपक कुमार अपने पिता मथुरा प्रसाद के साथ काफी पहले से पानीपत में रहकर मजदूरी का काम करते थे। गांव में उनके पास डेढ़ बीघा जमीन है जिससे गुजारा नहीं हो पाता था। पानीपत में ही अरुण का जन्म हुआ। उसके बाद भी उन्होंने कई वर्षों तक पानीपत में मजदूरी आदि का काम किया। आठ साल पहले दीपक कुमार गांव में चले आए। यहां आकर पहले ऑटो चलाया। कई वर्ष तक ऑटो चलाने के बाद ऑटो का एक्सीटेंड हो गया। उसके बाद से उन्होंने गोलगप्पे की ठेली लगाना शुरू कर दिया।

0 Comments