प्रयागराज। गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जब दोनों भाई मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे तभी आरोपियों ने कैमरे के सामने दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पुलिस ने तीनों हमलावरों को मौके पर पकड़ लिया था। गोलियां चलाने वाले हमलावर पत्रकार बनकर आए थे। इस हमले के दौरान घटनास्थल पर मौजूद कई पत्रकार भी बाल-बाल बच गए। एक पत्रकार ने घटना के भयानक क्षणों को याद किया। न्यूज एजेंसी पीटीआई के पत्रकार पंकज श्रीवास्तव ने बताया किया कि अतीक और अशरफ को मेडिकल चेकअप के लिए लाया गया था। जब मीडिया उनसे बात कर रही थी तब तीन लोगों ने गोलियां चलाईं।
पंकज ने बताया कि दोनों भाइयों की बाइट लेने के लिए कई पत्रकार वहां मौजूद थे और अचानक अज्ञात लोगों ने गोली चला दी। जिससे अतीक और अशरफ की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा कि कम से कम 15-20 राउंड फायरिंग हुई। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने अपनी जान कैसे बचाई तो उन्होंने कहा कि गोलियां चलते ही मेरे सहयोगी ने मुझे नीचे धकेला और मेरी जान बचाई।
अतीक और अशरफ की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई जब उन्हें प्रयागराज के एक मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए ले जाया जा रहा था। मीडिया कवरेज की वजह से इस घटना को टेलीविजन चैनलों पर लाइव दिखाया गया। पुलिस ने तुरंत हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया था।इस घटना के बाद गृह मंत्रालय (एमएचए) ने रविवार को पत्रकारों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का फैसला किया। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करेगा।

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