आजमगढ़ राज्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने जारी किया दिशा-निर्देश
उन्होंने बताया कि यदि कोई छात्र-छात्रा अपरिहार्य कारणों से प्रायोगिक परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाता है तो विश्वविद्यालय छात्रहित में ऐसे छूटे हुए छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा अलग से सम्पन्न कराने का अवसर प्रदान करेगा। ऐसी छूटी हुई प्रायोगिक परीक्षा पुन संपन्न कराने हेतु महाविद्यालय अपनी यथोचित संस्तुति के साथ ऐसे छात्रों की सूची अधोहस्ताक्षरी को सम्पादित हुई प्रायोगिक परीक्षा के तीन दिन के अन्तर्गत अधोहस्ताक्षरी को प्रस्तुत करेंगे। तब यह छूटी हुई परीक्षा निर्धारित शुल्क के साथ एक केन्द्र निर्धारित कर उस पर शीघ्र ही सम्पन्न कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि कोई भी महाविद्यालय वाह्य परीक्षकों पर अनुपस्थित छात्रों को उपस्थित दर्शाने व अंक प्रदान करने के लिए दबाव न बनाए अन्यथा की स्थिति में प्राप्त शिकायत पर विश्वविद्यालय द्वारा सम्बन्धित महाविद्यालय पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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