मेरठ। जनपद के विजय नगर में आरएसएस के नगर सह संयोजक एवं सराफा व्यापारी विजयवीर रस्तोगी के घर डाका डालने के प्रयास की घटना का क्राइम ब्रांच ने खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार विजयवीर रस्तोगी के परिवार की भतीजी एवं जिम ट्रेनर देहली गेट नील की गली निवासी भावना रस्तोगी ने बेटी वंशिका के प्रेमी विवेक बिष्ट के साथ वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया था। पुलिस ने मां-बेटी और प्रेमी समेत उसके एक साथी मुरादाबाद बंगला गांव निवासी मोहित सैनी को गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि 15 जनवरी की शाम बदमाश किराए पर घर लेने के बहाने विजय नगर में सराफा व्यापारी विजयवीर रस्तोगी के घर में घुसे थे। इस दौरान घर के पालतू कुत्ते जिम्मी ने हमला कर घटना होने से बचा दी थी। थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज हुआ था। एसएसपी ने घटना के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया था। पुलिस लाइन में एसपी क्राइम अनित कुमार ने बताया कि मास्टरमाइंड भावना रस्तोगी ने अपनी बेटी वंशिका के साथ डाका डालने की योजना बनाई। वंशिका ने अपने प्रेमी को मां से मिलवाया। विवेक ने डाका डालने के लिए अपने मुरादाबाद के साथी मोहित और आयुष त्यागी को तैयार किया। डाका डालने के लिए भावना रस्तोगी, मोहित और आयुष वारदात को अंजाम देने के लिए कोठी पर पहुंचे, जबकि वंशिका और विवेक कुछ दूरी पर रुक गए। हालांकि डाका डालने के इरादे में सफल नहीं हो सके थे।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज साफ विजयवीर को दिखाई गई। इसके बाद आरोपी एक के बाद एक पकड़ में आ गए। भावना ने पूछताछ में बताया कि यदि वह घटना करने में कामयाब हो जाते तो वह पैसे बांटकर मौज मस्ती से जिंदगी व्यतीत करते। पुलिस ने मोहित और विवेक के कब्जे से एक-एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि घटना से एक दिन पहले बदमाशों ने विजय नगर में सराफ की कोठी की रेकी की थी। एसपी क्राइम ने बताया कि विवेक की फेसबुक पर वंशिका से दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे मैसेंजर के जरिए बातचीत होनी शुरू हो गई। इसके बाद एक दूसरे के नंबर आपस में आदान-प्रदान हुए। दोनों में बातचीत का सिलसिला चल पड़ा। कई बार विवेक वंशिका से मिलने के लिए मुरादाबाद से मेरठ आया। वंशिका के घर भी विवेक रुकता था।
सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया ने बताया कि पूछताछ में मां-बेटी और विवेक ने बताया कि यहां पर लूट करने के बाद वह आगरा में एक मकान किराए पर लेकर वहां बड़े सराफा कारोबारी की रेकी करते। बड़ी कोठी में डाका डालने के बाद वहां से फरार होकर नोएडा में डाका डालने की योजना बनाते। इससे पहले ही आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। भावना रस्तोगी ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार में डाका डालने की योजना इसलिए बनाई, क्योंकि वह पूरे परिवार को अच्छे से जानते हैं। वह उनकी परिवार की भतीजी लगती है। यदि पकड़ में आ जाते तो विजयवीर रस्तोगी भतीजी मानकर माफ कर देते। इसलिए इनके घर को पहला निशाना बनाने का प्रयास किया।

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