प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक वीडियो साफ न होने से युवक की पहचान नहीं हो पा रही थी। इसके बाद 100 सीसीटीवी कैमरे चेक कराए गए। हजरतगंज से आईटी जाने वाले मार्ग पर देखा तो स्कूटी नजर आई। आईटी चौराहे पर नंबर क्लीयर हुआ और फिर युवक की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
विक्की ने बताया कि उसकी दुकान के पास किशोरी के पिता की भी दुकान है। एक साल पहले किशोरी के पिता का मोबाइल घर पर छूट गया था। उन्होंने विक्की के मोबाइल से बेटी के नंबर पर कॉल की। इसके बाद विक्की व किशोरी मोबाइल पर बातचीत और सोशल मीडिया पर चैटिंग करने लगे। दोस्ती बढ़ने पर किशोरी पिता की दुकान पर आने के बहाने उससे मिलने लगी। उसे घर छोड़ने के बहाने विक्की अकसर स्कूटी लेकर निकल जाता था। 15 जनवरी को भी वह उसे घर छोड़ने जा रहा था।

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