प्राविधिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश उन फार्मेसी कालेजों को संबद्धता देता है जो अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद यानी एआइसीटीई से मान्यता प्राप्त फार्मेसी डिप्लोमा व डिग्री कोर्स संचालित करते हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश के फार्मेसी कालेजों से आवेदन लेकर उन्हें एनओसी दिया जाना था. प्राविधिक शिक्षा विभाग ने पहली बार एनओसी देने की व्यवस्था आनलाइन कराई. इसमें निर्देश दिया गया कि संबंधित कालेजों से शपथपत्र लेकर ही एनओसी दी जाए. शपथपत्र में कालेजों को भूमि, भवन व अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी जानी थी.
विभाग ने बड़ी संख्या में कालेजों को एनओसी जारी कर दी है. इसमें कई कालेजों से शपथपत्र लिया ही नहीं गया और कई का शपथपत्र बिना देखें आंख मूंदकर एनओसी दिए जाने का आरोप है. प्राविधिक शिक्षा मंत्री पटेल ने इसे गंभीरता से लिया है और परिषद के सचिव सुनील कुमार सोनकर को हटाने के लिए प्रमुख सचिव को निर्देश जारी कर दिया है. साथ ही परिषद की व्यवस्था चलाने के लिए पैनल मांगा है, ताकि नए सचिव को नियुक्त किया जा सके. मंत्री ने बताया कि जिन कालेजों को एनओसी दी गई है उनकी जांच कराई जाएगी और यदि गड़बडिय़ां मिलती हैं तो उनके विरुद्ध एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी.

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