वाराणसी। पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अवधेश राय हत्याकांड का मामले में गायब मूल पत्रावली गले की फांस बनती जा रही है। लंबे समय से जेल की सलाखों में पीछे निरुद्ध बाहुबली के खिलाफ लगभग तीन दशक पहले हुए इस हत्याकांड में पुलिस ने इस कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्तार के खिलाफ कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। कचहरी चौकी इंचार्ज विनोद मिश्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के खिलाफ पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। दरअसल आज से लगभग 31 साल पहले कांग्रेस नेता अजय राय के भाई अवधेश की हत्या से संबंधित मूल केस डायरी गायब हो गई थी। कचहरी चौकी इंचार्ज विनोद मिश्रा की शिकायत पर कैंट थाने में आईपीसी की धारा 409 व 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पूर्व विधायक अजय राय के बड़े भाई अवधेश राय को उनके घर के सामने गोलियों से छलनी किये जाने के मामले में मुख्तार अंसारी के साथ भीम सिंह, राकेश न्यायिक कई लोग आरोपी बनाए गए हैं। लंबे समय से मामला सिर्फ इस वजह से टल रहा था कि मूल पत्रावली ही कोर्ट से गायब हो गई थी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद फोटोस्टेट पत्रावली तैयार की जा सके और उसके बाद मुकदमे का विचारण शुरू हुआ बड़ा सवाल यह था कि मूल पत्रावली कहां गई और इसे किसने गायब कराया। पुलिस ने इस मामले में अपनी तरफ से पहल करते हुए कार्यवाही शुरू की है चौकी इंचार्ज कचहरी की तहरीर पर कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज करते हुए कार्यवाही शुरू की गई है।
इसकी भनक लगने के साथ बाहुबली के खेमे में खलबली मची हुई है और कानूनी राय ली जा रही है बाहर हाल पुलिस अपनी तरफ से पूरी गोपनीयता बरतते हुए कार्रवाई कर रही है। तीन अगस्त 1991 वाराणसी में कांग्रेस नेता अजय राय के भाई अवधेश राय की हत्या कर दी गई थी। जिसमें अजय राय की ओर से मुख्तार अंसारी, राकेश न्यायिक, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम सहित अज्ञात व अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। चेतगंज पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल होने के बाद दस सितंबर 2007 को अदालत ने मुख्तार पर आरोप तय किए थे। उसके बाद से ही इस मामले की अदालत में सुनवाई चल रही है।

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