बैंक में कर्ज की रकम सुनते ही किसान का निकला दम... और फिर!


बरेली।
बैंक में कर्ज अदा करने आये किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों ने बैंक के सामने शव को रख कर धरना प्रदर्शन कर बैंक कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाये। पुलिस ने बैंक पहुंचकर मृतक किसान के परिजनों को समझा-बुझाकर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पीएम को भेज दिया। किसान की बेटी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। क्षेत्र के गांव कुंवरपुर तुलसी पट्टी के फकीर चंद 70 वर्ष ने 2008 में 40 हजार रुपए का इंजन थ्रेसर के लिए उत्तर प्रदेश भूमि विकास बैंक से कर्ज लिया था। किसान ने लोन में कुल 5 हजार रुपए जमा किये।

8 जून को बैंक के फील्ड ऑफिसर अमित शर्मा, शिवनाथ प्रताप, अमित शुक्ला, तेजपाल, कैशियर प्रमोद कुमार मृतक किसान के घर रुपए वसूलने के लिए गए। खाना खा रहे किसान को जबरन पकड़कर घर से गांव के बाहर सड़क तक लाए। किसान को जेल भेजने की चेतावनी दी। लोगों के कहने पर बैंक कर्मियों ने किसान को छोड़ दिया। 9 जून को किसान 11 बजे बैंक आया। कर्मचारियों से लोन की कुल धनराशि जानकारी की। कर्मचारियों ने 1 लाख 81 हजार जमा करने को कहा। इतनी बड़ी रकम सुन वृद्ध किसान को हार्ड अटैक पड़ गया। जिससे किसान की बैंक में ही मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही किसान की बेटी माया देवी, गीता देवी, शीला देवी रोती बिलखती बैंक पहुंच गये। मृतक किसान के पास कुल 7 बीघा जमीन है।

परिजनों ने बैंक कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि जबरन लोन में रुपए जमा कराने का दबाव बनाया और जेल भेजने की धमकी दी। बैंक के सामने शव को रख कर धरने पर बैठ गए बैंक के कर्मचारी ने थाने पहुंचकर सूचना दी थाना अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उप निरीक्षक बाबू खान पुलिस फोर्स वालों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पीएम हाउस भेजा किसान की बेटी माया देवी ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत किया है। बैंक कर्मचारियों से इस संबंध बात हुई तो बताया कि मृतक किसान पर कोई दबाव नहीं बनाया।

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