पंकज सिंह
आजमगढ़। बरदह पुलिस ने दो माह पहले खेत में पानी डालने के दौरान गोली व धारदार हथियार से वार कर मुस्ताक की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने छोटी बहू सिहरत जहां व उससे भाई बेलाल व जमशेर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके निशानदेही पर आलाकत्ल, एक तंमचा 315 बोर व चापड़ बरामद कर लिया है। दरअसल, बरदह थाना क्षेत्र के भदेठी गांव निवासी अशफाक पु़त्र मोत्र मुस्ताक ने थाने पर सूचना दी की किसी पिता मुस्ताक की गला रेतकर हत्या कर दिया है। इस सूचना पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिह द्वारा विवेचना शुरू की गई।
इसी क्रम में शनिवार को विवेचना में बयान वादी व गवाहान मृतक की पत्नी मुबरकुन निशा व बेटी परवीन व तसलीम के बयान व मुखबिर की सूचना पर ग्राम मानीकला से संदिग्ध व्यक्ति बेलाल पुत्र इरफान अहमद की गिरफ्तारी हेतु उसके घर पर दविश दी गई। आरोपित बेलाल घर पर मौजूद मिला जिससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो बताया कि अपनी बहन सिहरत जहाँ पत्नी मेराज निवासी ग्राम भदेठी थाना खेतासराय जौनपुर व अपने भाई जमशेर पुत्र इरफान अहमद के साथ षडयन्त्र करके घटना कारित करने की बात बताई। करीब 7- 8 साल पहले मेरी बहन सिहरत जहाँ की शादी मेराज पुत्र मुस्ताक निवासी भदेठी के साथ हुई थी। शादी के बाद कुछ दिन तक सब ठीक चलता रहा मुस्ताक अपनी सम्पत्ति में अपने लड़को के अलावा लड़कियों को भी हिस्सा देना चाहते थे एवं छोटी बहू सेहरत जहाँ को बेदखल करना चाहते थे।
जिसका अन्दर अन्दर मुस्ताक के लड़के विरोध करते थे एवं मेरी बहन सिहरत जहाँ उनके इस कार्य का खुलकर विरोध करती थी जिसके कारण उसको मुस्ताक तरह तरह की यातनाए देते थे जब मै बहन से मिलने जाता था तो वह पूरी बात बताती थी। एक दिन मेरा बड़ा भाई जमशेर मुझसे कहे कि मुस्ताक को हम लोग कई बार समझा चुके क्यो न इसका काम तमाम कर दिया जाय। घटना से करीब एक हफ्ता पहले जमशेर भाई व बहन सिहरत जहाँ तथा मै बहन के घर ही बैठ कर योजना बनाए तथा मुस्ताक को ठिकाने लगाने के लिए सही अवसर का इन्तजार करने लगे किसी को शक न हो इस लिए जमशेर एक दिन पहले ही खेता सराय में एक हास्पिटल में भर्ती हो गए।
1 मार्च को शाम करीब साढ़े पाच छः बजे के बीच मै अपनी बहन सिहरत जहाँ के पास आया तो वह अपने घर से चापड़ लाकर मुझे दी तथा बताई कि मेरे ससुर मुस्ताक खेत मे पानी लगाने गये है आज मौका अच्छा है उनका काम तमाम कर दीजिए। तब मै बहन के बताए अनुसार खेत की तरफ गया सिहरत जहाँ सड़क पर ही निगरानी करती रही खेत पर पहुंचने पर जैसे ही वे पाइप लपेट कर साइकिल पर बांध कर घर के लिए चलने के लिए तैयार हुए तभी मै पीछे से उनके करीब पहुंचकर अपने पास लिए तमंचे से उनकी कनपटी में गोली मार दिया। वे जमीन पर गिर कर तड़पने लगे तब बहन द्वारा दिये गये चापड़ से उनका गला काट दिया जिससे बचने की कोई सम्भावना न रह जाए। उसके बाद मै खेतों से होते हुए अपने घर की तरफ भाग गया। चापड़ व तमंचा मैने रास्ते में जावेद के ट्यूवेल के पास जमीन में दबा दिया।

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