नई दिल्ली। भारत ने मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में दुनियाभर में परचम लहराया हैं। दरअसल, ऊकला स्पीडटेस्ट ग्लोबल इंडेक्स के अनुसार, भारत अप्रैल 2022 में औसत मोबाइल इंटरनेट स्पीड के लिए वैश्विक रैंकिंग में दो पायदान चढ़ गया है। भारत में मीडियन फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड में मामूली गिरावट आई है, लेकिन साथ ही साथ मीडियन मोबाइल डाउनलोड स्पीड में भी बढ़ोतरी हुई है। ओवरऑल औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड में, भारत वैश्विक स्तर पर चार रैंक गिरकर अप्रैल में 76 पर आ गया है, जो मार्च में 72 था। इंडेक्स रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सिंगापुर क्रमशः मोबाइल ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड परफॉर्मेंस के लिए वैश्विक रैंकिंग में टॉप पर हैं।
ऊकला ने अप्रैल 2022 के महीने के लिए अपना स्पीडटेस्ट ग्लोबल इंडेक्स जारी किया है। इंडेक्स में, भारत मार्च में 120 से अप्रैल में औसत मोबाइल स्पीड में दो पायदान चढ़कर 118 हो गया है। भारत में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड अप्रैल में बढ़कर 14.19 Mbps हो गई जो मार्च में 13.67 Mbps थी। औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड के संबंध में, देश अप्रैल में चार रैंक गिरकर 76 पर आ गया है, जो मार्च में 72 था। भारत में औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड अप्रैल में घटकर 48.09Mbps हो गई, जो एक महीने पहले 48.15Mbps थी।
इंडेक्स में टॉप पर रहने वाले देश मध्य-पूर्वी देश यूएई और द्वीप देश सिंगापुर थे। संयुक्त अरब अमीरात मोबाइल ब्रॉडबैंड में 134.48 Mbps की औसत मोबाइल डाउनलोड गति के साथ टॉप पर था। 207.61 Mbps की औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड डाउनलोड स्पीड के साथ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में सिंगापुर टॉप स्थान पर है। अप्रैल 2022 में सबसे अधिक लाभ पाने वालों में यूक्रेन और पापुआ न्यू गिनी थे। औसत मोबाइल ब्रॉडबैंड डाउनलोड परफॉर्मेंस के लिए यूक्रेन रैंक में सबसे बड़ा लाभार्थी था और पापुआ न्यू गिनी ने अप्रैल 2022 में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड परफॉर्मेंस के लिए रैंक में सबसे बड़ा लाभ दर्ज किया है।
मंगलवार को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के रजत जयंती समारोह में घोषणा की कि भारत दशक के अंत तक 6G दूरसंचार नेटवर्क शुरू करने की योजना बना रहा है। भारतीय टेलीकॉम कंपनियां फिलहाल 5G टेलीकॉम नेटवर्क को रोल आउट करने की तैयारी कर रही हैं।

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