रायबरेली। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पर महिला का उत्पीड़न और लूटपाट करने का आरोप लगा है। उनके साथ शहर की दो महिलाओं को भी नामजद किया गया है। हाइ प्रोफाइल मामले की विवेचना सीओ सिटी को मिली है। शहर निवासी महिला ने बताया कि उनका पति से संबंध विच्छेद हो चुका है। उनकी नौ वर्ष की बेटी है। करीब चार वर्ष पहले वह लोन के सिलसिले में विकास भवन में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अरविंद कुमार वर्मा से मिली। उन्होंने कहा कि तुम चिंता न करो, मेरे साथ फील्ड हास्टल में मेरे आवास में रहो। तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। वह अपनी बेटी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके साथ रहने लगी।
आरोप है कि इस बीच कई बार अरविंद ने उनका शारीरिक उत्पीड़न किया और हर बार शादी का झांसा देते रहे। अप्रैल 2022 में कोर्ट मैरिज के लिए वह तैयार हो गए, लेकिन बाद में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके विवाह संबंधी कागजों का सत्यापन नहीं होने दिया। सात मई को अरविंद अपनी दो महिला मित्रों के साथ कार से कहीं जाने वाले थे। मैंने कार की चाभी नहीं दी तो अरविंद व उनके साथ आई दो महिलाओं ने उसे व उसकी बेटी को बेरहमी से मारा-पीटा और घर से निकाल दिया। उसके सोने के आभूषण भी तीनों ने लूट लिए।
पीड़िता ने कप्तान को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। प्रारंभिक जांच में महिला द्वारा लगाए गए आरोप सही मिलने पर एसपी ने एफआइआर के आदेश दिए। 18 मई को अरविंद के खिलाफ धोखे से संबंध बनाने, लूट, मारपीट, धमकी और एससी-एसटी की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी की दो महिला मित्रों को भी प्रकरण में नामजद किया गया है। इस संबंध में सीओ नगर वंदना सिंह का कहना है कि जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अरविंद कुमार वर्मा के खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया है। इस केस की विवेचना मैं स्वयं कर रही हूं। जल्द ही इसमें चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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