आजमगढ़ः बदनामी के डर से दोस्त को ही नदी में डूबोकर मार डाला - जीयनपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपित


पंकज सिंह

आजमगढ़। जीयनपुर पुलिस ने बदमानी के डर से दोस्त को ही नदी में डूबोकर मार डालने वाले आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छत्तरपुर खुशहाल गांव निवासी नितिश कुमार पुत्र गोपाल यादव ने थाने मे तहरीर दिया कि उसके भाई मनीष यादव उम्र करीब 20 वर्ष को अजीत यादव पुत्र हरेन्द्र यादव नि0 मण्डनपुर थाना जीयनपुर जनपद आजमगढ़ द्वारा बदनामी की डर से दोहरी घाट नदी मे ले जाकर नदी मे डुबोकर हत्या कर दिया। इस तहरीर पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। शनिवार को प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय मय हमराह ने सूचना के आधार पर आरोपित अजीत यादव पुत्र हरेन्द्र यादव को छत्तरपुर दलेल जाने वाले रास्ते से समय करीब 8.35 बजे हिरासत पुलिस मे लिया गया अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

पूछताछ में आरोपित अजीत यादव ने बताया कि हम और मनीष यादव अच्छे दोस्त थे हम लोग साथ-साथ रहते थे और ट्रैक्टर चलाते थे मेरे प्रेम प्रसंग एक लड़की से चल रहा था मुझे लड़की के साथ गलत सम्बन्ध बनाते मनीष यादव नें देख लिया था और बार-बार कहता था कि मै इसे गाँव में सभी लोगो को बता दुँगा मैने उसे काफी मना किया किन्तु वह रह रह कर इस बात की धमकी देता था मुझे अपनी बदनामी का डर लगता था। बीते 30 अप्रैल को मैने घूमने का बहाना करके मनीष को दोहरी घाट चलने के लिए तैयार किया तथा योजना के तहत अपना और मनीष यादव दोनों का मोबाइल किशन यादव के घर रखवा दिया और कहा कि मोबाइलों को चार्ज करके रखिएगा हम लोग आएंगे तो गेम खेलेंगे।

मनीष यादव को मेरी योजना की भनक नही थी पहले मै उसे दाऊदपुर ले गया और खूब ताङी पिलाया मैने दारु भी खरीद रखी थी जब मनीष यादव का नशा कम होता मै उसे और पिला कर हमेशा नशे में रखता प्राइवेट साधन बदल-बदल कर मै उसे दोहरीघाट ले गया और वहा भी शऱाब पिलाया वह नशे में धुत था मै मौका देखकर उसे नदी के पास ले गया और धक्का देकर उसे नदी में गिया दिया और डुबोकर उसकी हत्या कर दी इसके बाद मेरी समझ में नही आ रहा था कि मै क्या करु अपने को कैसे बचाऊ मै वापस दोहरीघाट पेट्रौल पम्प पर आकर बैठा था कि मुझे व अपने भाई मनीष को ढूँढते नितीश, किशन, अभिषेक पेट्रोल पम्प पर पहुँचे मै उनसे वहा मिला था उन्होने मुझसे बहुत पूछा था किन्तु मैने डर वश उन्हे कुछ नही बताया।

Post a Comment

0 Comments