पंकज सिंह
आजमगढ़। मारपीट के चौबीस साल पुराने मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को पांच पांच वर्ष के कारावास तथा प्रत्येक को सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला एसीजेएम फास्ट ट्रेक कोर्ट सीनियर डिवीजन के जज देवेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को सुनाया।
अभियोजन कहानी के अनुसार महाराजगंज थाना क्षेत्र के गोवर्धन पुर गांव में 30 जुलाई 98 को दिन में लगभग एक बजे बरसात के पानी के बहाव को लेकर मारपीट हो गई। इस मारपीट में आरोपी हीरा कहार पुत्र जद्दू, हरिश्चंद्र तथा धर्मेन्द्र पुत्रगण निक्कू पाठक ने सुभावती उसके पति दशरथ को बुरी तरह से मारापीटा। इस हमले में सुभावती का दाहिना हाथ टूट गया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद तीनों हमलावरों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया।
अभियोजन अधिकारी महेंद्र गुप्ता ने वादिनी सुभावती समेत कुल सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों को दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी हीरा कहार, हरिश्चंद्र तथा धर्मेंद्र को पांच पांच साल के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माने की आधी राशि पीड़िता सुभावती को देने का आदेश दिया। जबकि फैसला सुनाने के वक्त आरोपी धर्मेंद्र अदालत में मौजूद नहीं था। इसलिए अदालत में धर्मेंद्र के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।

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