एटा। जिले में भी मानव अंग तस्करी गिरोह सक्रिय है। शहर के मोहल्ला भगीपुर निवासी युवक की किडनी का सौदा 24 लाख रुपये में हुआ था। विशाखापट्टनम ले जाकर उसकी किडनी निकलवाई गई। बाद में रुपयों का भुगतान न होने पर मानव तस्करी अंग गिरोह का मामला उजागर हुआ। पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है।
भगीपुर निवासी राजकुमार ने कोतवाली नगर में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 23 फरवरी 2022 को उसका 23 वर्षीय भाई किशन शहर के मोहल्ला श्याम नगर निवासी रॉकी उर्फ अश्वनी के साथ विशाखापट्टनम गया था। भाई के फेसबुक अकाउंट के माध्यम से रॉकी द्वारा दिए गए नंबरों पर किडनी बेचने की बात हुई। किशन और रॉकी विशाखापट्टनम में श्रीलेखा लॉज में जाकर रुके। जहां 24 लाख रुपये में किडनी का सौदा तय हुआ। विशाखापट्टनम के ही श्री दुर्गा अस्पताल में किशन की किडनी निकाली गई। इसके एवज में भाई को 24 लाख रुपये का चेक लखनऊ स्थिति एसबीआई बैंक मोहनलालगंज का दिया गया।
चेक लेकर किशन और रॉकी लखनऊ में बताए गए साथी शिवाजी शुक्ला के पास गए। इसे देखकर शिवाजी शुक्ला ने सीधे ब्रांच से कैश कराने की बात कह दी, लेकिन चेक का भुगतान नहीं हुआ। इस दौरान किशन की तबीयत खराब हो गई। 18 अप्रैल को उसकी कॉल आई और बताया कि वह लखनऊ में है। तबीयत खराब है, आकर ले जाओ। राजकुमार को चारबाग स्टेशन पर किशन मिला और रोने लगा। उससे पूछा तो पेट पर निशान दिखाकर उसने पूरे मामले की जानकारी दी। 19 अप्रैल को उसे एटा ले आए। 21 अप्रैल को तबीयत खराब होने पर उसे छोटा भाई बॉबी अस्पताल लेकर जा रहा था। जहां प्रेमनगर चौराहा के पास रॉकी दिख गया। किशन के कहने पर उसको मोहल्ले के लोगों ने पकड़ लिया।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपी रॉकी उर्फ अश्वनी से पूछताछ की। उसने गंगानगर निवासी साथी दीपक उपाध्याय का नाम बताया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं पूछताछ के आधार पर आरोपियों द्वारा विशाखापट्टनम निवासी राजेश, चिकित्सक माधव व लखनऊ निवासी शिवाजी शुक्ला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार किशन गांधी मार्केट में टिक्की की रेहड़ी लगाता है। रॉकी का विशाखापट्टनम निवासी राजेश उर्फ प्रतीक नामक व्यक्ति से फेसबुक पर संपर्क हुआ। जहां राजेश ने कहा यदि कोई किडनी बेच कर पैसा कमाना चाहे तो वह उससे संपर्क कर सकता है। जिस पर अश्वनी ने किशन सिंह से बात की।
एक किडनी देने के लिए 24 लाख रुपये भुगतान की बात तय हुई। इसमें रॉकी को एक लाख बीस हजार रुपये अलग से कमीशन के तौर पर दिए गए। वहीं राजेश द्वारा विशाखापट्टनम आने के लिए टिकट भेजे गए। किशन व अश्वनी के विशाखापट्टनम पहुंचने पर राजेश उर्फ प्रतीक ने उन्हें श्रीलेखा लॉज में रुकवाया। इससे आधा किमी दूर स्थित दुर्गा हॉस्पिटल में डॉक्टर माधव ने ऑपरेशन कर किडनी निकाली। विशाखापट्टनम से लौटने के बाद किशन शहर के गंगानगर निवासी दीपक के घर चार दिन रुका। एक अप्रैल को किशन, अश्वनी व दीपक लखनऊ गए। वहां शिवाजी शुक्ला ने उन तीनों को एक होटल में ठहराया। बताया कि बड़ी रकम का चेक है, एटा में लगाएंगे तो जांच हो सकती है। जिस पार्टी को किडनी दी गई है, वह लखनऊ के ही रहने वाले हैं। उन्हीं के माध्यम से आपको बैंक से कैश दिला देंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शकर सिंह ने बताया कि जांच में मामला निकलकर आया कि एक युवक ने फेसबुक के माध्यम से संपर्क किया था। अस्पताल के लोगों द्वारा पीड़ित को बुलाया गया, जहां किडनी निकाली गई। उसे 24 लाख रुपये का चेक दिया गया। जिसका भुगतान नहीं हो पाया। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

0 Comments