वाराणसी। जिले के रेशम फर्म के प्रबंधक संग 2 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने में आया है। टैक्स में छूट दिलाने के नाम पर दो जालसाजों ने झांसा देकर वारदात को अंजाम दिया है। इनके साथ दो बाउंसर भी आए थे। पुलिस ने बाउंसरों को पकड़ लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इस संबंध में चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं दो करोड़ रुपये लेकर फरार ठगों की तलाश में पुलिस कमिश्नरेट की तीन टीम लगाई गई है।मिली जानकारी के अनुसार, सारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा चौराहे के पास रहने वाले अंकित शुक्ला बेंगलुरु की मलदहिया क्षेत्र स्थित एक रेशम फर्म के प्रबंधक हैं। अंकित के साथ उनका साला अश्वनी पांडेय भी काम करता है।
हाल के दिनों में अश्वनी की मुलाकात आरोपित अभिषेक व यश से हुई थी। दोनों ने अश्वनी को बताया था कि उनकी एक फर्म है जो एकाउंट संबंधी काम करती है। हम दोनों टैक्स में भारी छूट दिलाने का काम करते हैं। उसके बदले में जितना पैसा रहता है उसमें एक प्रतिशत कमीशन लेते हैं। अश्वनी को आरोपितों का सुझाव अच्छा लगा तो उसने प्रबंधक अंकित को इस बारे में बताया। अश्वनी की बात से सहमत हो कर अंकित ने अभिषेक व यश से पिशाचमोचन क्षेत्र स्थित उनके दो कमरों के कार्यालय में मुलाकात की। अंकित ने अभिषेक व यश से दो करोड़ रुपये के टैक्स में राहत दिलाने की बात कही तो उन्होंने उसे पैसा लेकर अपने कार्यालय बुलाया। अंकित अपने साले अश्वनी के साथ गत बुधवार को अभिषेक व यश के कार्यालय पहुंचा तो वहां दो बाउंसर संदीप व सोनू भी मिले।
आरोपितों ने बताया कि संदीप व सोनू को पैसा गिनने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद पहले कमरे में अंकित, अश्वनी, यश व सोनू बैठ गए। इस बीच कमरे से सोनू व यश बाहर निकले। थोड़ी देर बाद अश्वनी ने देखा कि दूसरे में दो करोड़ रुपये के साथ ही अभिषेक भी नहीं था और पीछे का दरवाजा खुला हुआ था। इस पर दोनों ने दौड़ा कर संदीप को पकड़ लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। संदीप से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दूसरे बाउंसर सोनू को भी पकड़ लिया। दोनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे दिल्ली से आए हुए बाउंसर हैं। उन्हें उनकी फर्म द्वारा यहां भेजा गया था। इससे ज्यादा वे अभिषेक व यश के बारे में नहीं जानते हैं। फिलहाल दोनों बाउंसर पुलिस की हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

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