लखनऊ। गोरखनाथ मंदिर के बाहर पीएसी जवानों पर धारदार हथियार से हमला करने वाले मुर्तजा अब्बासी के पिता ने दावा किया है कि आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई के दौरान मुर्तजा की रैगिंग की गई थी और यहां अपमानित किए जाने के बाद उसके मन में यह बात घर कर गई कि मुसलमानों के साथ जुल्म हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मुर्तजा के पिता ने रविवार को पूछताछ के दौरान यह बातें कहीं। जबकि वह दावा करते आ रहे थे कि मुर्तजा मानसिक रोगी है।
सूत्रों के मुताबिक, मुर्तजा के पिता मुनीर अब्बासी ने बताया कि रैगिंग और अपमान की वजह से उनका बेटा आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई छोड़कर घर लौटना चाहता था। दूसरे साल में ही उसने हॉस्टल छोड़ दिया और परिवार के साथ मुंबई स्थित घर में रहने लगा। मुनीर ने एटीएस से कहा, वह पूरी रात जागता था और रोता रहता था। उसका कोई दोस्त नहीं था और यह सालों तक जारी रहा। सूत्रों के मुताबिक मुनीर ने कहा कि यहां से उनके बेटे की सोच बदली और वह कट्टरता की ओर मुड़ गया।
सूत्रों ने यह भी बताया कि मुर्तजा जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। अधिकारी उसके मानसिक स्वास्थ्य की हुई जांच की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। एटीएस ने मुर्तजा के चाचा डॉ. खालिद अब्बासी को भी पूछताछ के लिए बुलाया है, लेकिन उन्होंने अधिक उम्र और बीमारी की दलील देकर पूछताछ से छूट मांगी है। इससे पहले मुर्तजा से पूछताछ का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें उसने सीएए-एनआरसी से लेकर कर्नाटक हिजाब विवाद का जिक्र करते हुए कहा था कि मुसलमानों पर जुल्म हो रहा है और इसका बदला लेने के लिए उसने यह कदम उठाया था। मुर्तजा की न्यायिक हिरासत आज खत्म हो रही है।

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