गैंगरेप पीड़िता का मुकदमा दर्ज न करना पड़ भारी-रामपुर के पूर्व सीओ सिटी व इंस्पेक्टर पर मुकदमा


रामपुर। जिले में भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित चल रहे रामपुर के पूर्व सीओ सिटी विद्या किशोर शर्मा और तत्कालीन गंज कोतवाली प्रभारी रामवीर यादव पर कानून का शिकंजा और कस गया है। दोनों के खिलाफ डीआईजी द्वारा गठित एसआईटी ने सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, डीआईजी ने दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए संस्तुति रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है।

बीते वर्ष गंज कोतवाली क्षेत्रांतर्गत अस्पताल में महिला के साथ गैंगरेप किया गया था। पीड़िता ने इसकी शिकायत 112 पर की थी। इस पर मौके पर पहुंची पुलिस महिला को वहां से सिविल लाइंस कोतवाली लायी थी। आरोप है कि तत्कालीन सीओ सिटी विद्या किशोर शर्मा और तत्कालीन गंज कोतवाली प्रभारी रामवीर सिंह दोनों मौके पर मौजूद थे। बावजूद इसके महिला की एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। कुछ महीनों बाद जब मुख्यमंत्री का रामपुर में कार्यक्रम था और महिला ने सीएम के कार्यक्रम में आत्मदाह की धमकी दी तब जाकर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हुआ था।

इसमें अस्पताल संचालक विनोद कुमार यादव और तत्कालीन इंस्पेक्टर रामवीर सिंह समेत चार को नामजद किया गया था। मामला हाईलाइट होने पर डीआईजी शलभ माथुर ने एसआईटी गठित कर जांच बैठा दी और इंस्पेक्टर रामवीर सिंह को निलंबित कर दिया था। उधर, इसी प्रकरण में पांच लाख की घूस लेते हुए सीओ विद्या किशोर का वीडियो वायरल हो गया। इस पर शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। मामले की जांच कर रही एसआईअी ने सीओ और इंस्पेक्टर दोनों को दोषी पाया और दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

Post a Comment

0 Comments