जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के नेपुरा गांव में रविवार को एक पिता ने मासूम बेटे और बेटी को कुएं में फेंक कर मार डाला। कई घंटे बाद जब पत्नी ने बच्चों के बारे में पूछा तो उसने इसकी जानकारी दी। पुलिस आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। नेपुरा गांव में इरफान चार-पांच साल पहले सऊदी से आया था। इस समय वह जफराबाद बाजार में एक चलनी बेंचने वाले की दुकान पर काम करता था। इसके एवज में उसे एक हजार रुपये प्रति माह मिलता है। पत्नी साहिन बानो के मुताबिक रोज की तरह रविवार को भी वह दुकान पर काम करने के लिए गया था। वहां से खाना खाने के लिए दोपहर करीब 12 बजे आया उस समय वह नमाज पढ़ रही थीं।
दोनों बच्चे सायमा (सात) और अरमान (पांच) खेल रहे थे। इसी दौरान इरफान दोनों को अपने साथ ले गया। पत्नी ने सोचा कि वह बच्चों को खिलाने के लिए ले जा रहा है, लेकिन उसने दोनों को 50 मीटर दूर कुएं में ले जाकर फेंक दिया। इसके बाद वह काम पर चला गया। शाम को करीब चार बजे वह घर आया तो साहिन ने बच्चों के बारे में पूछा तो उसने कहा कि मैं उनको कहां से खिलाऊंगा इसलिए दोनों को कुएं में फेंक दिया है। सूचना मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल, सीओ सिटी जितेंद्र दुबे, तहसीलदार पवन कुमार, थानाध्यक्ष राजाराम द्विवेदी पहुंचे और घटना की जानकारी ली। सीओ सिटी ने कहा कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। गांव के लोग बता रहे हैं उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है, लेकिन इसकी जांच की जा रही है। इस घटना से हर कोई हैरान है।
पति के कारण गोद सूनी होने पर रोते हुए पत्नी शाहिना कह रही थी कि वह सोचती थी कि कभी बच्चों को किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े, इसलिए वह रात में जग कर बीड़ी बनाती थी। लेकिन, उसे (पति) को पता नहीं क्या हो गया कि दोनों बच्चों की जान का दुश्मन बन गया। इरफान की शादी नौ साल पहले शाहिना से हुई थी। दोनों की जिंदगी हंसी-खुशी बीत रही थी। समय के साथ दो बच्चे एक साइमा और अरमान हुए। इरफान ने कई वर्षों तक सऊदी अरब में भी काम किया था। हालांकि वह चार-पांच साल पहले वहां से वापस आया और फिर नहीं गया। परिजनों के मुताबिक पैसे के कारण वह तनाव में रहता था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। हालांकि पति और बच्चों का सहारा बनने के लिए शाहिना घर में बीड़ी बनाती थी। जबकि उसका पति जफराबाद बाजार में एक चलनी बेचने वाले की दुकान पर काम करता था।

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