विवेक जायसवाल
अतरौलिया/आजमगढ़। थाना क्षेत्र के रहने वाले कई युवकों ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति ने लगभग 22 लाख रूपये लिए और आज तक नौकरी नहीं दिला सका। इतना ही नहीं नौकरी के लिए पैसा देने वाले जब अपना पैसा वापस मांगने लगे तो उन्हें जानमाल की धमकी दी जाने लगी। थाने पर तहरीर देने पर सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर शनिवार को धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत किया गया।
अतरौलिया थाना के मदनपट्टी गांव निवासी ओम नरायन ने बताया कि गांव के ही सुनील ने नवंबर 2019 में रेलवे की नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की डिमांड किया। उसने यह भी बताया कि बृजलाल निषाद व सुनील निषाद ने पहले ही आधा-आधा पैसा लगभग तीन-तीन लाख रुपये दे दिए है। जिनका ज्वाइनिंग लेटर भी आने वाला है। जिस पर ओमनरायन भी पैसा देने को तैयार हो गया। वीरेंद्र प्रताप शर्मा हजरतगंज लखनऊ के खाते में उसने नौ जनवरी 2020 को चार लाख रुपये ट्रांसफर किया। बृजलाल निषाद का पैसा दो किश्तो में 1.3 लाख व 2.10 लाख रुपये जमा हुआ था। शेष छह लाख रुपये बृजलाल ने तीन बार में नकद दिया।
इसके बाद सुनील ने सितंबर 2020 में उसे ट्रेनिंग के नाम पर कोलकाता के निहाठी में रखा। बिहार प्रांत के छपरा में रेलवे के अस्पताल में कुछ दिन काम कराया। बाद में ग्रुप सी के पद टीसी का प्रमाणित आईकार्ड उपलब्ध कराया गया। इसके बाद 14 अप्रैल 2021 डाक के माध्यम से ज्वाइनिंग लेटर प्राप्त कराया गया। ज्वाइनिंग लेटर लेकर जब वह काम के स्थल पर पहुंचा तो उसे अपने साथ ठगी होने का पता चला। पीड़ित ने थाने पर तहरीर दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और न्यायालय के आदेश में शनिवार को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया।

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