आबकारी निरीक्षक व दो सिपाही निलंबित
आजमगढ़। जिले के अहरौला क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से दस लोगों की मौत की घटना नई नहीं है। इससे पहले भी चार बार हुए शराब कांड में कई लोगों की जान जा चुकी है। वर्ष 2002 में इरनी में हुई घटना में 11, वर्ष 2013 में मुबारकपुर में 53, वर्ष 2017 में सगड़ी क्षेत्र में 36 और 2021 में पवई में हुई घटना में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं में कुल 122 लोगों की जान जा चुकी है। अगर अहरौला क्षेत्र में हुई घटना में दस लोगों की मौत का आंकड़ा जोड़ दिया जाए तो मृतकों की संख्या 132 हो जाएगी। जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत की हर घटना के बाद पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग ने कुछ दिनों के लिए अभियान चलाया जाता है। लेकिन स्थिति फिर यथावत हो जाती है।
जिला प्रशासन अगर पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस के साथ आबकारी विभाग भी सक्रिय रहता तो शायद अवैध शराब के धंधे पर रोक लगाई जा सकती थी। अहरौला क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से मौत की घटना की जानकारी आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सोमवार की सुबह तब हुई, जब क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में सात लोगों की मौत हो चुकी थी। जहरीली शराब पीने से बीमार 24 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। जिले में अब तक जितनी भी बड़ी शराब की बरामदगी या गिरफ्तारी हुई है, वह सभी नागरिक पुलिस के खाते में दर्ज है। देवारांचल क्षेत्र में कुटीर उद्योग का रूप धारण कर चुका कच्ची शराब का धंधा संबंधित विभाग और राजनैतिक संरक्षण के चलते फल-फूल रहा है।
पूर्व सांसद रमाकांत के रिश्तेदार के नाम शराब की दुकान
रविवार को माहुल स्थित जिस दुकान से जानलेवा शराब की बिक्री की गई थी। उसे प्रशासन ने सीज कर दिया है। यह दुकान पूर्व सांसद रमाकांत यादव के नजदीकी रिश्तेदार रंजेश यादव के नाम से आवंटित हैं। पुलिस ने शराब का सैंपल जांच के लिए भेज दिया हैं। वहीं दुकान पर काम करने वाले दो सेल्समैन को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
आबकारी निरीक्षक व दो सिपाही निलंबित
अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल कस्बे में स्थित देसी शराब की दुकान से रविवार की शाम खरीदी गई जहरीली शराब पीने से दस लोंगों की मौत के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने लापरवाही बरते जाने पर आबकारी निरीक्षक नीरज सिंह और आबकारी सिपाही सुमन कुमार पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में एसपी अनुराग आर्य का कहना है कि इस घटना का जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहली प्राथमिकता बीमार लोगों का बेहतर इलाज कराना है। फिलहाल दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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