... तो क्या सगड़ी में अगड़ी बन सकेगी राना खातून
Mj Vivek
आजमगढ़। 18वी विधान सभा के चुनाव का बिगुल बज चुका है। राजनैतिक दलों ने प्रत्याशियों की सूची भी जारी करना शुरू कर दिया है। आजमगढ़ जिले के दस विधानसभा सीट में सगड़ी विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर पिछली बार वंदना सिंह विधायक चुनी गई थी। लेकिन कुछ महीने पहले बसपा छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर लिया है। हालांकि भाजपा ने उन्हें अभी प्रत्याशी नहीं बनाया है।
कांग्रेस पार्टी ने यहां से राना खातून को प्रत्याशी घोषित किया है। कांग्रेस पार्टी के विजयी उम्मीदवारों में पंचानन राय का नाम अंतिम आता है। उन्होंनें 1989 में यहां से दूसरी बार विधायक बने थे। इसके बाद कांग्रेस यहां से जीत नहीं सकती है। लेकिन वर्ष 2012 में कांग्रेस के उम्मीदवारों में अरविंद कुमार जायसवाल ने ज्यादा मत पाकर सबको चौकाया है। मौजूदा उम्मीदवार समाजशास्त्र विशेषज्ञ राना खातून पर इस बार हार के मिथ्या को तोड़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। राना खातून ने अपनी राजनैतिक जीवन की शुरूआत कांग्रेस से ही किया है। 1995 में नगर पालिका मउ की निविरोध अध्यक्ष चुनी गई थी। वर्ष 2012 में घोसी विधान सभा से कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया था लेकिन सफल नहीं हो पाई। 60 बंसत पार हो चुकी है पर अब भी सक्रियता में युवाओं को मात देती है।
सगड़ी विधान सभा के चुनावी गणित की बात करे तो इस विधान सभा सीटे से पिछले सात चुनाव से सपा और बसपा के बीच कड़ी टक्कर रही है। बहुजन समाज पार्टी ने यहां से चार व समाजवार्दी पार्टी ने तीन बार अपने उम्मीदवारों को विधायक बनाया है। भाजपा ने यहां से कभी जीत नहीं सकती है। 1985 में जनता पार्टी के उम्मीदवार राम सकल पटेल दूसरे नबंर पर रहे उन्हें लोकदल के राजजनम ने हराया था। 1991 और 1993 में बरखू राम वर्मा बहुजन समाज पार्टी से जीत दर्ज किया है। वर्ष 1996 से रामप्यारे सिंह यहां से विधायक चुने गए इसके बाद उनके पुत्र सर्वेश कुमार सिंह सीपू भी विधायक बने बाद में उनकी हत्या हो गई और उनकी पत्नी वंदना सिंह मौजूदा विधायक है।
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