मऊ। जिले के मधुबन सीट से विधायक व योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट में वन मंत्री द्वारा चौहान ने बुधवार को मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया, जिससे प्रदेश के साथ-साथ जिले की राजनीति गरमा गई। वन मंत्री ने आरोप लगाया कि जिन पिछड़ों, दलितों के भरोसे राज्य में भाजपा की सरकार बनी उनके साथ सरकार ने न्याय नहीं किया। इस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुन्ना दुबे ने कहा कि वर्तमान समय में भाजपा ने पिछड़ों और दलितों के लिए ज्यादा से ज्यादा योजनाओं को लाने का काम किया है जिससे गरीब को भोजन भवन आदि सुविधाएं मिल सकें। मंत्री जी का यह कह कर त्यागपत्र देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
श्री दुबे ने कहा कि वह अपने निजी स्वार्थ के लिए भाजपा में आए और अपना स्वार्थ पूरा किए और चलते बने। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने चौहान समाज से आने वाली एक नेता को राज्यपाल बनाने का काम किया। और न्यायालय के निर्णय के बाद भी एससी एसटी कानून को मजबूती देने का काम किया। पिछड़ों और दलितों के लिए भाजपा ने जो काम कर दिया है उतना अन्य दलों के सोच से भी बाहर है। दारा और स्वामी जैसे लोग हमारे राजनीतिक अतिथि हैं यह आए अपना स्वार्थ पूरा किए और चल दिए। और समाज को आगे लाकर दिखावा करने का काम कर रहे हैं।
भाजपा नेता व हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुजीत सिंह ने कहा कि दारा का जाना कोई नई बात नहीं यह तो पहले से ही तय था। जब यह पांच वर्ष तक मंत्री बन कर मलाई काटते रहे तब इनको ना तो कोई दलित याद आया ना ही कोई पिछड़ा याद आया। चुनाव के समय इनको यह बातें याद आ रही हैं। श्री सिंह ने कहा कि पार्टी के अंदर ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो ऐसे लोगों को पार्टी में लाकर महिमामंडित करने का काम करते हैं। इनके पार्टी छोड़ने का मुख्य कारण यह रहा है कि महाराज जी के मुख्यमंत्री रहते इनका लूट खसोट का व्यवसाय नहीं चल पाया। कहा कि स्वामी प्रसाद और दारा जैसे हजारों नेताओं के आने जाने से भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, महाराज जी के नेतृत्व में एक बार फिर भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
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