प्रतापगढ़। जिले में अब महिलाएं गोबर से देवी-देवताओं की मूर्ति बनाकर आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही हैं। यहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर समूह की महिलाएं विकास कर रहीं हैं। बेबी ट्राईसाइकिल, मछली पालन, बकरी पालन, जैविक खेती, आंवले का उत्पाद, सोलर लाइट आदि तैयार कर रहीं हैं। इससे महिलाओं की अच्छी खासी आय हो रही है। रानीगंज तहसील क्षेत्र के अंतर्गत पड़वा नसीरपुर ग्राम पंचायत आती है। गांव की मीरा देवी गरीब परिवार से थीं। पति की कमाई से परिवार का खर्च नहीं चल पाता था। मीरा भी गांव में ही मेहनत मजदूरी करने लगीं। हालांकि इससे कोई खास बदलाव नहीं हुआ। गांव की महिलाओं को समूह से जोडऩे के लिए ब्लाक से टीम पहुंची। काफी महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया और छोटा कारोबार शुरू किया। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनने लगीं। यह देख मीरा देवी भी साल भर पहले समूह से जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने गोबर से देवियों की मूर्तियां बनाने लगीं। इस कारोबार से उनकी और उनके पूरे परिवार की जिंदगी संवर गई।
मीरा बताती हैं कि एक मूर्ति तैयार करने में महज 10 से 20 रुपये आती है, लेकिन उसकी बिक्री 35 से 40 रुपये में होती है। एक मूर्ति की बिक्री करने पर 15 से 20 रुपये की बचत हो रही है। गांव की कई और महिलाएं इस पर काम कर रहीं हैं। मीरा के इस कारोबार को देख गांव की गायत्री देवी, गीता देवी सहित अन्य महिलाएं भी कारोबार शुरू किया है। उपायुक्त स्वत: रोजगार ने बताया कि समूह से जुड़कर महिलाएं बड़े पैमाने पर काम कर रहीं है। इससे काफी बदलाव हुआ है।
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