बाहुबली मुख्तार के खिलाफ गवाही न देना दो इंस्पेक्टरों पर पड़ा भारी

कोर्ट ने 32 वर्ष पुराने मुकदमे में जारी किया गैर जमानती वारंट




आगरा। जनपद के थाना जगदीशपुरा में दर्ज 32 वर्ष पुराने मुकदमे में गवाह के पेश न होने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है। विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट नीरज गौतम ने तत्कालीन इंस्पेक्टर और चौकी प्रभारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं. वहीं शनिवार को आरोपी मुख्तार अंसारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में पेश हुए. अदालत ने गवाही के लिए 30 नवंबर की तारीख नियत की है.

मुख्तार अंसारी वर्ष 1999 में सेंट्रल जेल में बंद थे. उस दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी राजेंद्र कुमार तिवारी और तत्कालीन एसएसपी सुवेश कुमार सिंह व अन्य पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्तार अंसारी की बैरक का निरीक्षण किया था. उस समय बैरक से मोबाइल और बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद हुई थी.

इस मामले में जगदीशपुरा थाने में तत्कालीन एसओ शिव शंकर शुक्ला ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. आरोपी के खिलाफ आरोप तय कर विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट नीरज गौतम ने मुकदमे के वादी शिवशंकर शुक्ला और तत्कालीन चौकी प्रभारी रूपेंद्र गौड़ को गवाही के लिए हाजिर होने को समन जारी किए थे.इसके बाद भी शनिवार को दोनों गवाह अदालत में हाजिर नहीं हुए. ऐसे में अदालत ने आदेश में कहा कि गवाह शिव शंकर शुक्ला पर समन व्यक्तिगत रूप से तामील हुआ और रूपेंद्र गौड़ पर रेडियोग्राम के जरिये समन प्रेषित किया गया था. दोनों समन तामील होने के बाद भी अदालत में हाजिर नहीं हुए. कोर्ट ने यह माना कि अभियोजन पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने में उदासीनता बरत रहा है. कोर्ट ने वादी शिवशंकर शुक्ला और रूपेंद्र गौड़ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए. शिव शंकर शुक्ला सेवानिवृत्त होकर कानपुर में रह रहे हैं. रूपेंद्र गौड़ रामपुर में एएचटीयू थाना प्रभारी हैं. हाल में वे अमरोहा के तिगड़ी मेले में ड्यूटी दे रहे हैं. अदालत ने एसएसपी मुरादाबाद को वारंट और नोटिस तामील करके तय दिनांक पर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं. मुख्तार अंसारी का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रवि अरोरा ने कोर्ट में प्रस्तुत किया. तत्कालीन थाना प्रभारी जगदीशपुरा शिव शंकर शुक्ला, चौकी प्रभारी रूपेंद्र गौड़, जिलाधिकारी राजेंद्र कुमार तिवारी, एसएसपी सुवेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डीसी मिश्रा, एडीएम सिटी एके सिंह, सीएमओ एके सक्सेना, सिटी मजिस्ट्रेट पीएन दुबे, वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार केदार नाथ, जेलर कुलदीप नरायन.

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