सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे प्रतिमा की अगवानी
108 साल बाद कनाडा से लौटी देवी अन्नपूर्णा की प्रतिमा
वाराणसी। 108 वर्षों का लंबा इंतजार आज समाप्त हो जाएगा. माता अन्नपूर्णा बाबा विश्वनाथ के दरबार में विराजेंगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा की अगवानी करेंगे. सुबह से ही मंदिर परिसर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए आयोजन शुरू हो गए है. दिल्ली से आई माता की प्रतिमा के सोमवार को नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह स्वागत की तैयारियां की गई हैं. कनाडा से देवी अन्नपूर्णा की प्रतिमा 108 साल बाद बनारस लौटी है.जगह-जगह पुष्प वर्षा, डमरू दल, घंटा घड़ियाल बजाकर माता की रास्ते भर आरती उतारी जाएगी. श्री काशी विश्वनाथ धाम में मां अन्नपूर्णा की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया. मंदिर प्रशासन ने बाबा विश्वनाथ के ईशान कोण में माता के मंदिर को भव्य स्वरूप में सजाया है. मंदिर परिसर में सुबह छह बजे से ही पूजन का कार्यक्रम शुरू हो गया.
दिल्ली से 11 नवंबर को रवाना होने के बाद काशी पहुंचने के दौरान मां की प्रतिमा अलीगढ़, लखनऊ, अयोध्या, जौनपुर समेत यूपी के 18 जिलों से गुजरी. हर जिले में मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा का भव्य स्वागत किया गया. 15 नवंबर को सुबह दुर्गाकुंड मंदिर से माता की प्रतिमा निकलेगी और गुरुधाम चौराहा, विजया मॉल, ब्राडवे होटल, मदनपुरा, गोदौलिया होते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार पर पहुंचेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माता की आरती उतारकर उनकी अगवानी करेंगे. मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा के स्वागत के लिए जिले की सीमा पर लोग देर रात तक इंतजार करते रहे. जैसे ही माता की प्रतिमा का रथ शहर की सीमा में पहुंचा, पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष के साथ गूंज उठा. मां के दर्शन के लिए देर रात श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी. विलंब से पहुंचने के बावजूद देवी के दर्शन के लिए लोग धैर्यपूर्वक खड़े रहे. भाजपा व कई सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों ने मां अन्नपूर्णा के भव्य स्वागत के लिए पंडाल व मंच व्यवस्था के साथ भजन-कीर्तन भी किया. दुर्गाकुंड स्थित मंदिर में कलाकार रातभर माता के स्वागत में भजन-कीर्तन करते रहे.
18वीं सदी की मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा
बलुआ पत्थर से बनी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा 18वीं सदी की बताई जाती है- मां एक हाथ में खीर का कटोरा और दूसरे हाथ में चम्मच लिए हुए हैं. प्राचीन प्रतिमा कनाडा कैसे पहुंची, यह राज आज भी बरकरार है. लोगों का कहना है कि दुर्लभ और ऐतिहासिक सामग्रियों की तस्करी करने वालों ने प्रतिमा को कनाडा ले जाकर बेच दिया था. काशी के बुजुर्ग विद्वानों को भी मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा के गायब होने की जानकारी नहीं है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 नवंबर 2020 को मन की बात कार्यक्रम में देश के लोगों को मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा कनाडा में मिलने की जानकारी दी थी. कहा था कि हर एक भारतीय को यह जानकर गर्व होगा कि मां अन्नपूर्णा की सदियों पुरानी प्रतिमा कनाडा से भारत वापस लाई जा रही है.

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