मेरठ के किठौर में भाजपा, सपा व बसपा पर जमकर बरसे मजलिस प्रमुख
मेरठ। एक ड़डे और झड़े के साथ रह कर दलित और यादव हर विभाग में नौकरी पा गए और मुस्लिमों के जिम्मे सिर्फ दंगे फसाद, जेल, बर्बादी और तबाही ही आई है। संभलो, खुद को बदलो। आंकड़े कह रहे है कि यूपी में दलितों के बाद सबसे ज्यादा नाइंसाफी मुस्लिमों के साथ ही हुई। उक्त विचार मेरठ के किठौर में आयोजित एआईएमआईएम की जनसभा में मजलिस प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मजलिस को बीजेपी की बी टीम कहने वालों ये भूल गए हे कि केन्द्र व प्रदेश में बीजेपी को कामयाबी कांग्रेस, बसपा और सपा की गलत नीतियों से ही मिली है। बिहार चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने का उल्हाना मजलिस को दिया जाता है जबकि सच में लालू और काग्रेस ने मिलकर वहां बीजेपी को जीत दिलाई है। उन्होंने कहा कि आगामी विधान सभा चुनाव में जागरूक रहना है इस दौरान विभिन्न पार्टियों ने नेता आएंगे और आपसे पहले की तरह वोट मांगेंगे और आपके हमदर्द बनने का नाटक करेंगे। मगर याद रखना जब जब मुस्लिमों पर आफतें आई है तो उनकी आवाज को संसद में मजलिस व असदुद्दीन ओवेसी ने ही उठाया है। दूसरी पार्टियों ने तो सिर्फ छलावा किया है। उन्होंने कहा कि किठौर में 15 बरस तक सपा से शाहिद मंजूर विधायक और मंत्री रहे लेकिन किठौर का कोई उच्च स्तरीय विकास नही हो सका। यहां अभी तहसील मांग तक ही सीमित है। यही हाल बसपा में मुनकाद अली का था। कहा कि किठौर में मजलिस का विधायक बनने पर तहसील के साथ साथ, काली नदी की सफाई, डिश फिल्टरिंग, मेरठ गढ़ रोड का पुनर्निर्माण, बने हुए इंटर कालिज के लिए स्टाफ, हाई लेवल का स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज करते हुए कहा कि यहां दंगे नहीं हुए है जबकि गृह मंत्रालय की रिपोर्ट सीएए और एनआरसी के दंगों में 5 हजार लोगों के मारे जाने की तस्दीक कर रही है। कितना झूठ बोलोगे बाबा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी कहते है कि 100 करोड़ लोगों को टिका लग गया जबकि वास्तव में 31 प्रतिशत जनता को भारत मे टिके लगे है।

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