आजमगढ़ : कुश्ती दंगल और भीम गदा प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम !

दिल्ली, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ और आजमगढ़ के पहलवानों ने लिया हिस्सा, बृजेश यादव ने 20 हाथ गदा भांजकर अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ा



आजमगढ़। जिले के कोलघाट स्थित बाबा मोहटी दास आश्रम में गुरु कोमल पहलवान के सम्मान में विराट कुश्ती दंगल और भीम गदा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय पहलवान दीपक यादव और पप्पू यादव की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, दिल्ली और वाराणसी समेत विभिन्न जिलों से सैकड़ों महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में पहलवानों ने अपने दमखम और कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, गुरु कोमल पहलवान, समाजसेवी रामचंद्र यादव और जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने संयुक्त रूप से किया।
कुश्ती मुकाबलों में पहलवानों ने दिखाया दम
दंगल के दौरान विभिन्न पहलवानों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए। दिल्ली के साहिल और गाजीपुर के विशाल के बीच कुश्ती बराबरी पर छूटी। वहीं, आजमगढ़ की महिला कुश्ती में प्रीति यादव निवीं और जया स्टेडियम के बीच हुआ मुकाबला भी बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके अलावा दिव्यांशु मोजरापुर ने आदर्श बौरहवा बाबा को पटखनी देकर जीत दर्ज की।
बृजेश यादव ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
भीम गदा प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया। इसमें राष्ट्रीय पहलवान बृजेश यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 हाथ गदा भांजी और अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। उनके प्रदर्शन को देखकर मौजूद लोगों ने उत्साहवर्धन किया।
युवा पहलवानों को प्रोत्साहित करना उद्देश्य
गुरु कोमल पहलवान के सम्मान में आयोजित इस दंगल का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को कुश्ती के प्रति प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान तैयार करना है। आयोजकों ने इस आयोजन को प्रतिवर्ष निरंतर जारी रखने की मंशा जताई।
अंतरराष्ट्रीय पहलवान अभिमन्यु यादव ने बताया कि गुरु कोमल पहलवान के सैकड़ों शिष्यों में कई पहलवान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके अनेक शिष्य सेना, नौसेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और रेलवे समेत विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। इस अवसर पर सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने गुरु कोमल पहलवान के निधन के बाद उनकी प्रतिमा स्थापित कराने का आश्वासन दिया।
गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य अवधेश यादव और प्रेमचंद यादव ने किया। इस दौरान ज्ञान शंकर यादव, विजय शंकर यादव, कैलाश यादव, रणवीर सिंह, रामवृक्ष यादव, अशोक यादव, अजीत यादव समेत जिले के कई वरिष्ठ पहलवान और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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