आजमगढ़। जनपद के पौराणिक और धार्मिक महत्व वाले चन्द्रमा ऋषि आश्रम, सिलनी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ी पहल की है। यहां “महर्षि वाल्मीकि ईको पार्क” के निर्माण की योजना तैयार की गई है, जिस पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की पहल पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा ईको टूरिज्म परियोजना के तहत इस योजना का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन द्वारा नामित आर्किटेक्ट एवीएफ क्रिएटिव कंसल्टेंसी लिमिटेड ने तैयार की है। इसका अप्रेजल 12 मार्च को शासन स्तर पर किया गया।
प्रस्तावित महर्षि वाल्मीकि ईको पार्क के अंतर्गत चन्द्रमा ऋषि आश्रम परिसर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई आकर्षक और आधुनिक संरचनाएं विकसित की जाएंगी। इनमें गजीबो, व्यूइंग डेक, ईको कॉटेज, कैफेटेरिया, पर्यटन सूचना केंद्र, भव्य प्रवेश द्वार, चन्द्रमा ऋषि और महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर आधारित म्यूरल वॉल, सोलर लाइट, मेडिटेशन व योगा सेंटर, आरती स्थल, बच्चों के लिए प्ले एरिया और आकर्षक पाथवे का निर्माण शामिल है।
इस परियोजना के पूरा होने से चन्द्रमा ऋषि आश्रम क्षेत्र को एक प्रमुख आध्यात्मिक और ईको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जा सकेगा। साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
जिलाधिकारी ने उम्मीद जताई है कि इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन से आजमगढ़ के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलेगी तथा क्षेत्र में पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।


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