Azamgarh: वंचित समाज के रहनुमा रहे पूर्व पालिकाध्यक्ष गिरीश, भुलाए नहीं जा सकेंगे...

पुण्यतिथि पर लोगों ने याद कर अर्पित किए श्रद्धासुमन!


आजमगढ़।
दिवंगत पूर्व पालिकाध्यक्ष गिरीश चंद्र श्रीवास्तव की 13 वीं पुण्यतिथि पर सोमवार को उन्हें लोगों ने श्रद्धांजलि दी। सभासदों, कर्मचारियों व शहर के प्रतिष्ठित लोगों ने स्व. श्रीवास्तव के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया। देर शाम स्व. गिरीश श्रीवास्तव के कुर्मीटोला स्थित पैतृक आवास पर श्रद्धांजलि सभा हुई। 

नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष धनंजय सिंह बाऊ ने कहा कि दिवंगत गिरीश चंद्र श्रीवास्तव वंचित समाज के रहनुमा थे। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। सभासद महेंद्र यादव ने कहा स्व. गिरीश के साथ उनके गहरी दोस्ती रही। वह जब भी उनसे बात करते तब उनके बातों के केन्द्र में गरीब और वंचित समाज ही होता था। कभी-कभी तो ऐसा भी समय आया जब कोई करीब अपने बच्चे की शिक्षा या बेटी की शादी के लिए मदद को उनके पास पहुंच गया और उनके पास मदद करने इतना धन मौजूद नहीं था ऐसी स्थिति में वह दूसरों से कर्ज लेकर मदद कर देते थे और उसे एहसास तक नहीं होने देते थे। 

पपलू सिंह ने कहा कि मौजूदा राजनीति से इतर हटकर गिरीश हमेशा समाज के हर तबके के लिये काम करते रहे। पंडित शरदचंद तिवारी ने कहा कि शहर के हर परिवार के साथ उनका पारिवारिक संबंध था। पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष शीला श्रीवास्तव ने कहा कि समाज के प्रति दायित्व निर्वहन में उनसे जो कमी रह जा रही है उसे पूरा करेंगे। 

प्रणीत श्रीवास्तव हनी ने कहा कि अपने पिता के दिखाए हुए पद चिन्हों पर चलकर समाज के वंचित लोगों की सेवा व दबे कुचले तबके की मदद के लिए आगे रहेंगे। साथ ही शहर के विकास के लिए जो भी जरूरत होगी वह उसे पूरा कराने का प्रयास करेंगे।

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