रक्षाबंधन पर दूर करें असमंजस, आज और कल मनाएं प्रेम का पवित्र त्योहार


प्रयागराज। भाई-बहन के स्नेह पर्व रक्षाबंधन पर भद्रा ने खलल डाल दिया है. भद्रा के कारण रक्षाबंधन का पर्व दो दिन मनाया जाएगा. वैसे तो पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त को है, लेकिन दिनभर भद्रा रहने के कारण उसमें राखी नहीं बांधी जा सकेगी. उक्त तारीख को भद्रा खत्म होने के बाद ही राखी बांधी जा सकेगी. वहीं, ऐसी स्थिति में धर्माचार्यों ने उदया तिथि को देखते हुए 12 अगस्त को दिनभर राखी बांधने की सलाह दी है.

ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त की सुबह 9.35 बजे लगकर 12 अगस्त की सुबह 7.16 बजे तक रहेगी. वहीं, 11 अगस्त की सुबह 9.35 से रात 8.25 बजे तक भद्रा है. भद्राकाल खत्म होने के बाद राखी बांधना उचित रहेगा. श्री शारदा ज्योतिष संस्थान के आचार्य नागेशदत्त द्विवेदी बताते हैं कि भद्राकाल में होलिका दहन व राखी बांधना अनुचित है. इसका पालन न करने वालों को शारीरिक, आर्थिक व मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ता है.

इसे देखते हुए राखी पूर्णिमा तिथि में बांधना चाहिए. भद्रा खत्म होने के बाद 11 अगस्त की रात 8.26 बजे से राखी बांधना उचित रहेगा. पराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार बहनों को भाई की राशि के अनुसार राखी के रंग का चयन करना चाहिए. रक्षाबंधन पर राशि के अनुरूप राखी बांधना अत्यंत पुण्यकारी होता है. ऐसा करने से ग्रहों का अच्छा प्रभाव पड़ता है.

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