आजमगढ़ः बलिया के पत्रकारों को जेल भेजे जाने के विरोध में कमिश्नर से मिला प्रतिनिधि मंडल, सौंपा 5 सूत्रीय मांग पत्र



मनीष कुमार

आजमगढ़। बलिया जनपद में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के पेपर आउट होने की खबर प्रकाशित करने पर बलिया जनपद के पत्रकार दिग्विजय सिंह, अजीत ओझा व मनोज कुमार गुप्ता को जिला प्रशासन बलिया द्वारा दोषी ठहराते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया।

कमिश्नर को सौंपा पांच सूत्रीय मांग पत्र

इस संबंध में जिले के पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मंडल वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार देवव्रत के नेतृत्व में बुधवार को कमिश्नर से मिलकर पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। उनका आरोप है कि इन्हीे पत्रकारों ने पूरी मेहनत एवं अपने पेशे के प्रति निष्ठा रखते हुए नकल माफियाओं और प्रशासन की मिली भगत का पर्दाफाश किया था। स्वाभाविक है पत्रकारों का यह कार्य प्रशासन का पसंद नहीं आया और उसने पत्रकारों को डराने एवं सही खबरों को शासन व जनता से छुपाने के उद्देश्य से इस घिंनौने कृत्य को अंजाम दिया है।

निर्दोष पत्रकारों जेल से रिहा करने की मांग

प्रतिनिधि मंडल की मांग है कि निर्दोष पत्रकारों को जेल से रिहा किया जाए। तीनों पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए। जिला प्रशासन के दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित वैधानिक कार्यवाही की जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर पत्रकारों को उचित मुआवजा दिया जाए। इस अवसर पर अशोक वर्मा, सुभाषचंद सिंह, एसके सत्येन, रवि सिंह, अंबुज राय, विकास, उदय राज, मनोज जायसवाल, दीपक सिंह, रामसिंह यादव, धर्मेद्र श्रीवास्तव, शैलेश राय, रत्नप्रकाश, धीरज तिवारी, अजय मिश्रा, वेदेन्द्र शर्मा, राकेश वर्मा आदि सहित दर्जनों पत्रकार शामिल रहे।

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