आतंकी साजिश का शिकार गोरखनाथ मंदिर की घटना-लैपटॉप व मोबाइल से मिले कई अहम सुराग


लखनऊ। गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर जानलेवा हमले की घटना को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने आतंकी साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि हमलावर अहमद मुर्तजा अब्बासी के पास से बरामद लैपटॉप व मोबाइल फोन से जो दस्तावेज बरामद हुआ हैं, उससे आतंकी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि एटीएस के एडीजी नवीन अरोड़ा और एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने गोरखपुर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस बीच, अब्बासी के खिलाफ गोरखनाथ थाने में धार्मिक उन्माद फैलाने, भय पैदा करने, सरकारी लोकसेवक पर हमला करने, हत्या की कोशिश समेत कई धाराओं में दो केस दर्ज किए गए हैं।

दूसरी एजेंसियों को भी ली जाएगी मदद

अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि हमलावर अब्बासी ने धारदार हथियार से हमला करते हुए धार्मिक नारे भी लगाए। घटना में घायल पीएसी के सिपाही गोपाल गौड़ व अनिल पासवान का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों को घटना की तह तक जाने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो दूसरी एजेंसियों को भी मदद ली जाएगी। प्रशांत कुमार ने कहा कि हमलावर को गेट पर ही न पकड़ा जाता तो स्थिति बेकाबू हो सकती थी।

साजिश नाकाम करने वाले को पांच लाख का इनाम

ATS गृह ने बताया कि घटना को बड़ी वारदात होने से रोकने वाले पीएसी के घायल सिपाहियों गोपाल व अनिल और नागरिक पुलिस के सिपाही अनुराग राजूत को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। वारदात के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार को गोरखपुर पहुंचकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में घायल जवानों गोपाल गौड़ और अनिल पासवान से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया। उनके साहस और पराक्रम की सराहना की। जवानों के परिजनों को आश्वस्त किया कि सरकार इलाज में कमी नहीं आने देगी।

मानसिक विक्षिप्त नहीं... सिर्फ गुमराह कर रहा

गोरखपुर के मुर्तजा ने आईआईटी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। अक्तूबर 2021 से वह गोरखपुर में रह रहा था। उसके परिवार के एक सदस्य शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं। जांच के बाद डॉक्टरों ने मुर्तजा को मानसिक रूप से स्वस्थ बताया है। डॉक्टरों ने बताया कि वह तरह-तरह की बातें जरूर कर रहा था, लेकिन जब उससे मानसिक रोग विशेषज्ञ ने बात की तो समझ में आ गया कि वह सिर्फ गुमराह कर रहा। अहमद मुर्तजा अब्बासी के लैपटॉप और मोबाइल फोन से मिले कई अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि वह प्रतिबंधित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक को फॉलो करता है। यूट्यूब पर जाकिर को सुनता था। पेन ड्राइव में भी भड़काऊ वीडियो मिले हैं।

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