प्रयागराज। प्रतियोगिता में जीतने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसमें हिस्सा लेना होता है, ये नसीहत कई कार्यक्रमों में अतिथि खिलाड़ियों को अक्सर देते रहते हैं लेकिन जब खिलाड़ियों को उनके हुनर का सम्मान नहीं मिलता है तो वे मायूस हो जाते हैं। कुछ इसी तरह की टीस नन्हीं धाविका काजल निषाद की है। पिछले वर्ष मैराथन में हिस्सा लेने के बावजूद जब उसकी मेधा को उचित सम्मान नहीं मिला तो वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करने के लिए दौड़ते हुए लखनऊ रवाना हो गई।
प्रयागराज जिले में यमुनापार स्थित मांडा के छोटे से गांव ललितपुर की 10 वर्षीय धावक काजल एक बार फिर रविवार को सुभाष चौराहे से अपने नए मिशन पर निकल पड़ी हैं। 17 अप्रैल को वह सीएम योगी से मुलाकात करेंगी। ओडिशा के शिशु मैराथन धावक व लिम्का बुक आफ रिकार्डधारी बुधिया सिंह से प्रेरणा लेकर प्रयागराज से इंडिया गेट तक 720 किमी दौड़ लगाकर रिकार्ड बना चुकी काजल अब 43-44 डिग्री तापमान के बीच एक नए सफर पर चल पड़ी है।
चार घंटे 22 मिनट में पूरी की थी 42 किमी इंदिरा मैराथन
काजल ने बताया कि वह रात में ठहराव लेते हुए तीन दिन बाद लखनऊ पहुंचेगी और मुख्यमंत्री से प्रशासन व क्रीड़ा अधिकारी की शिकायत करेगी। नन्हीं धाविका काजल ने अपनी इस यात्रा को प्रयागराज टू लखनऊ अल्ट्रा मैराथन का नाम दिया है। काजल का आरोप है कि उसने इंदिरा मैराथन में बड़े बड़े धावकों के बीच दौड़ लगाई थी और चार घंटे बाइस मिनट में 42 किलोमीटर की दौड़ पूरी की थी, जबकि कई बड़े धावक अपनी दौड़ तक पूरी नहीं कर पाए थे।
उसकी इस उपलब्धि की बड़ी तारीफ हुई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से उसे कोई सम्मान या प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई थी। मांडा की रहने वाली काजल इससे पहले भी प्रयागराज के सुभाष चौराहे से दिल्ली के इंडिया गेट तक का सफर दौड़ते हुए 16 दिनों में पूरा करके सुर्खियां बटोर चुकी है।
कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह के आवास पर विश्राम
अब काजल सीएम से मुलाकात करने के लिए दौड़ते हुए लखनऊ जा रही हैं। रविवार की देर शाम वह फाफामऊ पहुंची। यहां वह पहले दिन का विश्राम करेंगी सोमवार सुबह पांच बजे वह फाफामऊ से दौड़ना शुरू करेंगी और प्रतापगढ़ के कुंडा पहुंचेगी, जहां विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के आवास पर विश्राम करेंगी। ऊंचाहार, रायबरेली होते हुए 17 अप्रैल को लखनऊ पहुंचेगी।
तेज धूप में नहीं दौड़ेंगी काजल
धूप अधिक होने के कारण वह सुबह पांच बजे से आठ बजे तक व शाम पांच बजे से सात बजे तक दौड़ेंगी। जबकि दोपहर में आराम करेंगी। काजल के कोच रजनीकांत ने बताया कि काजल के पिता रेलवे में प्वाइंटमैन का काम करते हैं।

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