करहल बनाम आजमगढ़...अखिलेश कहां से देंगे इस्तीफा-जाने कारण



आजमगढ़। यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद यह तय हो गया है कि प्रदेश की जनता ने बाबा के बुलडोजर को पांच साल चलाने का निर्णय दिया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस चुनाव में करहल विधानसभा से विधायक चुने गए हैं। वर्तमान में वह आजमगढ़ के सांसद है। ऐसे में मीडिया के गलियारों में चर्चा तेज हो गई है वे आजमगढ़ को छोड़ें या करहल को उपचुनाव तो होना है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव करहल से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में यहां उपचुनाव कराए जाने की प्रबल संभावना है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि आजमगढ़ में सर्वाधिक 10 सीटें मिली है। सपा संरक्षण मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ को अपना घर माना है। उन्होंने मंच से ऐलान किया था कि इटावा अगर मेरा दिल है तो आजमगढ़ मेरी धड़कन है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में दोनों जगह आजमगढ़ और मैनपुरी से जीत मिली थी। तब मुलायम सिंह ने मैनपुरी के मुकाबले आजमगढ़ से कम मत मिलने के बावजूद आजमगढ़ को नही छोड़ा था। वर्ष 2019 में अखिलेश यादव ने भाजपा प्रत्याशी भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ को हरा कर सांसद चुने गए है। यहां की जनता उन्हें भरपूर प्यार इस बार दसों विधान सभा में साइकिल दौड़ाई है।

वहीं सपा को मैनपुरी जिले की चार में दो, संभल की चार में तीन, रामपुर में पांच में तीन, मुरादाबाद की छह में पांच सीटें मिली हैं। जबकि आजमगढ़ जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर परचम लहराया हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सपा अध्यक्ष आजमगढ़ से संसद सदस्य के रूप में जुड़े रहेंगे। वर्ष 2024 में लोकसभा का चुनाव है। ऐसे में वह लोकसभा सदस्य के रूप में सदन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगे। सपा सूत्रों की माने तो वह करहल की सीट छोड़ सकते हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में अधिकृत घोषणा नहीं हुई है।

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