आजमगढ़ः जिले के स्वास्थ्य इकाइयों को मिलेगा 50 लाख का इनाम-जाने क्यों...



आजमगढ़। स्वास्थ्य विभाग ने शहरी एवं ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य इकाइयों की तस्वीर बदलने की पहल शुरू कर दी है। इसका मुख्य उद्देश्य साफ-सफाई, स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण को बढ़ावा देना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी ने बताया कि कायाकल्प योजना का शुभारंभ 2015-16 में किया गया था। इसके लिए सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। इस क्रम में पिछले माह राज्य स्तरीय टीम ने जिला महिला चिकित्सालय को कायाकल्प पुरस्कार से नवाजा गया था।

पचास सुविधाओं पर फोकस की तैयारी

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ संजय कुमार’ ने बताया कि सामान्य अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने कायाकल्प करने की योजना बनाई है। अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने पचास सुविधाओं पर फोकस किया है। जिसके तहत कुछ मुख्य सुविधाएं जैसे हाईजीनिक, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, रजिस्ट्रेशन काउंटर, हॉस्पिटल इंफेक्शन प्रिवेंशन मैनेजमेंट रिकॉर्ड कीपिंग, मेडिसन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, मरीजों से स्टाफ का व्यवहार तथा सपोर्ट सर्विस हैं। जिस पर अस्पताल प्रशासन को कार्य करना होगा।

प्रथम आने पर मिलेगा इनाम 50 लाख का इनाम

योजना के तहत प्रथम आने वाले अस्पताल को 50 लाख रुपये का इनाम दिया जाना है। जिसको लेकर अस्पताल प्रशासन ने सुधार की मुहिम शुरू कर दी है। अस्पताल के सभी वार्डों की टूटी हुई खिड़कियां बदली जायेंगी। वहीं सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सालों से खिड़कियों में जमा हुई धूल को साफ किया जा रहा है। खिड़कियों के शीशे जालियां चमकाई जायेंगी। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ओमजी श्रीवास्तव ने बताया कि योजना के तहत सुधार की मुहिम शुरू कर दी गई है। अस्पताल को बेहतर बनाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पूरा स्टाफ अस्पताल में सुधार करने की मुहिम में सहयोग कर रहा है।

मरीजों से अच्छा व्यवहार रखने के निर्देश

सामान्य अस्पताल के सभी वार्डों में स्टाफ को मरीजों से अच्छा व्यवहार बनाए रखने के निर्देश भी दिए गये हैं। मरीजों से मिलने का समय भी निर्धारित किया जा रहा है। पीने के पानी की व्यवस्था करवाई गई है। वहीं अस्पताल परिसर में बने शौचालयों को साफ-सुथरा रखा जा रहा है। अस्पताल में मरीजों को स्वस्थ वातावरण मुहैया करवाने और इंफेक्शन पर कंट्रोल करने की दिशा में अहम कदम उठाये जा रहे हैं। कार्यशाला में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरविंद चौधरी, डॉ सुभाष पटेरिया, दिनेश कुमार, बीपीएम, बीसीपीएम सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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