एप से हो रही क्षय रोगियों की पहचान- आजमगढ़ से भेजे गए 127 लोगों के कफ सैंपल रिपोर्ट



आजमगढ़। देश को क्षय रोग मुक्त बनाने की दिशा में क्षय रोगियों की जांच अब एप के जरिए की जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ परवेज़ अख्तर ने बताया कि जनपद को वर्ष 2025 तक क्षय से मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद में अब तक कुल 127 व्यक्तियों के कफ सैंपल लिए जा चुके हैं। इसमें व्यक्ति को तीन तरह से आवाज रिकॉर्ड की गई है। पहला खांसने, दूसरा एक से दस तक गिनती और तीसरा अ और आ आदि बोलने को कहा गया।

लक्षण की अनदेखी होगा घातक

जिला कार्यक्रम समन्वय पीयूष अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अहम स्थान है। उन्होंने क्षय रोग के लक्षणों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि लोगों में दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, सीने में दर्द, वजन का कम होना, भूख कम लगना आदि क्षय रोग के शुरुआती लक्षण होते हैं द्य ज्यादातर लोग ऐसे लक्षण की अनदेखी कर इलाज नहीं कराते, जिसका परिणाम घातक साबित हो जाता है। इसलिए शुरुआती लक्षण दिखने पर जल्द से जल्द जांच कराएं और पॉज़िटिव आने पर तुरंत उपचार शुरू करें।

इलाज के दौरान मिलेगी सहायता राशि

याद रहे कि एक भी दिन दवा लेना नहीं भूलना है। दवा का कोर्स पूरा करना बेहद अनिवार्य है। इससे टीबी पूरी तरह से ठीक हो सकती है। इलाज के दौरान मरीज 500 रुपए प्रति माह निक्षय पोषण योजना के तहत उन्हें इलाज के दौरान सरकारी सहायता भी प्रदान की जाती हैं। यह 500 रुपए पोषण युक्त भोजन के लिए दिया जाता है। एक मरीज की अमूमन छह महीने तक दवा चलती है। मरीज के ठीक होने के बाद यह धनराशि बंद कर दी जाती है।

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