बलिया। गुरुवार की शाम छह बजे तक मतदान समाप्ति के साथ ही 82 प्रत्याशियों की किस्मत इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद हो गई। यह मशीन अब 10 मार्च को खुलेगी, प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला उसी दिन होगा। सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान को लेकर लोगों में जमकर उत्साह देखा गया। एक बार फिर मतदान करने में पढ़े-लिखे लोग पिछड़ गए। सभी विधानसभाओं में मतदान के लिए चुनाव आयोग की तरफ से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। 2828 पोलिग बूथ बनाए गए। सातों सीटों पर 24,68,804 वोटरों को लोकतंत्र के महापर्व में आहुति देनी थी। सुबह नौ बजे तक जिले में सिर्फ आठ फीसद लोगों ने मतदान किया। दिन चढ़ने के साथ ही मतदान का प्रतिशत भी बढ़ता गया। 11 बजे तक 21.85 फीसद वोट पड़ गए, लेकिन दोपहर एक बजे तक 36 फीसद लोगों ने मतदान किया, लेकिन दोपहर तीन बजे 46.50 फीसद वोटिंग हो गई। पांच बजे तक 51.74 फीसद लोग ही मतदान किए, जबकि मतदान 6 बजे तक जारी रहा।
नहीं बढ़ा मतदान प्रतिशत
अब तक हुए चुनावों में सबसे अच्छा मतदान प्रतिशत 2017 में था। पिछले साल कुल 54.10 फीसद मतदान हुआ था। बैरिया तीसरी बार वोट करने में पिछड़ गया। 2012 में 52.80 फीसद वोट पड़ा था। यह स्थिति तब है, जब महीनों से मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जतन करता रह गया। मॉडल और महिला बूथ बनाए गए। सेल्फी प्वाइंट बनाकर मतदाताओं में वोटिग प्रतिशत बढ़ाने का माहौल बनाया गया है। गांव-गांव रैलियां निकाली गई, हर किसी को जागरूक करने की कोशिश की गई।
पल-पल की निगरानी करता रहा प्रशासन
विधानसभा चुनाव में 95 क्रिटिकल बूथों पर वेबकास्टिग के जरिए प्रशासन पल-पल निगरानी कर रहा था। कलेक्ट्रेट सभागार में 15 विशेषज्ञों की टीम लगातार काम में जुटी थी। जनपद में 2828 में 1697 बूथों की लाइव वेब कास्टिग की गई। इसमें अधिकांश सीमावर्ती क्षेत्रों के बूथ शामिल थे। इन इलाकों में मतदान कराना प्रशासन के लिए आसान नहीं था। ऐसे में वेबकास्टिग बड़ा सहारा बनी। कुछ क्षेत्रों में थोड़ी देर के लिए नेटवर्क की समस्या भी आई। चुनाव आयोग के मुख्यालय में बैठे अधिकारियों को भी आसानी से जानकारी मिल रही थी। इस चुनाव में बूथों की संख्या बढ़ने के साथ ही फोर्स की डिमांड भी बढ़ गई थी। पिछले विधानसभा चुनाव में 75 कंपनी फोर्स मांगी गई थी। जिले में सात विधानसभा क्षेत्रों में 2828 मतदेय स्थल व 1404 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2017 में 2409 मतदेय स्थल व 1401 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
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