गोरखपुर। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने गुरूवार को प्लेटफार्म नंबर 9 के पास से 8वीं शताब्दी की भगवान बुद्ध के अष्टधातु की मूर्ति के साथ चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मूर्ति की कीमत करीब 12 करोड़ रुपये आंकी गई। सभी आरोपियों के खिलाफ टीम ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जबकि बरामद मूर्ति को जांच के लिए भेजा जाएगा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शैलेंद्र कुमार निवासी ग्राम बढ़नी, पीपीगंज गोरखपुर, प्रह्लाद प्रसाद निवासी हर्रेया, अंबेडकरनगर, सोनू कुमार ओझा निवासी ग्राम धनगरोह, थाना बिन्यापुर, छपरा बिहार और सुधीर कुमार मिश्रा निवासी सुल्तानपुर थाना रघुनाथपुर जिला सिवान बिहार के रुप में हुई।
जानकारी के मुताबिक, आईजी आरपीएफ की तरफ से पूर्वाेत्तर रेलवे में अपराध पर लगाम कसने के लिए ऑपरेशन धरोहर चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को सीआईबी फील्ड मुख्यालय इंस्पेक्टर नरेंद्र यादव और देवेंद्र प्रताप को सूचना मिली कि कुछ तस्कर नेपाल से लाकर बेशकीमती अष्टधातु की मूर्ति बिहार के तस्करों को ले जाकर बेचने की फिराक में हैं। इस बीच टीम को तस्करों की लोकेशन रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर 9 पर मिली। टीम ने तत्काल घेराबंदी शुरू कर दी और यहां संदिग्ध हालत में चार आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से भगवान बुध की अष्टधातु की बेशकीमती मूर्ति बरामद हुई। जिसका वजन 12.320 किलो है। आरोपियों ने बताया कि नेपाल से तस्करी कर मूर्ति को बिहार लेकर जा रहे थे। इसके लिए उनकी तस्करों से 12 करोड़ रुपये में डील भी हो चुकी थी। टीम ने बरामद मूर्ति की जांच पुरात्तव विभाग गोरखपुर से कराई। जिसकी जांच में पता चला कि बरामद मूर्ति अष्टधातु से बनी 8वीं शताब्दी की अंत्यत ऐतिहासिक व दुर्लभ होने के साथ ही बेशकीमती है। विभाग ने टीम को मूर्ति की जांच से संबंधित प्रमाण पत्र भी दिया। इंटरनेशनल बाजार में बरामद मूर्ति की कीमत 12 करोड़ बताई जा रही है।
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