पहली बार दुद्धी सीट पर मिली थी भाजपा को जीत...अब उपचुनाव को लेकर सरगर्मी तेज!



सोनभद्र। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में विधायक के जेल जाने के बाद भाजपा को गहरा झटका लगा है। दुद्धी सीट पर पहली बार मिली जीत दो साल भी कायम नहीं रह पाई। दो साल से अधिक की सजा के कारण रामदुलार गोंड की विधानसभा सदस्यता जानी तय मानी जा रही है। इसके साथ ही इस सीट पर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की अंतिम सीट दुद्धी (403) भाजपा के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है। विधानसभा चुनावों में हर जगह जीत का परचम लहराने वाली भाजपा दुद्धी सीट जीतने में नाकाम रही थी। वर्ष 2017 में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुई सीट को अंतिम समय में भाजपा ने गठबंधन के सहयोगी अपना दल-एस को सौंप दी थी।

कार्यकर्ताओं की मेहनत और प्रचंड मोदी-योगी लहर के चलते अपना दल-एस प्रत्याशी रहे हरिराम चेरो को जीत भी मिली, मगर सिंबल कप-प्लेट का था। इतिहास बदलने के मकसद से भाजपा ने वर्ष 2022 के चुनाव में खुद उतरने का निर्णय लेते हुए रामदुलार गोंड को प्रत्याशी बनाया था। पार्टी ने भी पूरी ताकत झोंक दी। नतीजा अपने राजनीतिक गुरु और पूर्व मंत्री सपा प्रत्याशी विजय सिंह गोंड को साढ़े छह हजार से अधिक वोटों से हराकर रामदुलार विधायक बने थे। भाजपा प्रत्याशी राम दुलार गोंड को 84295 मत प्राप्त हुए, जबकि दूसरे नंबर पर सपा प्रत्याशी विजय सिंह गोंड को 77572 मत हासिल हुए। पहली बार मिली इस जीत का सफर बहुत लंबा नहीं रहा।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, सोनभद्र जगरुप सिंह पटेल ने बताया कि विधायक को हुई सजा के बाबत कोर्ट से पत्र आने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से निर्वाचन आयोग को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद कोई निर्णय होगा। नियमानुसार दो वर्ष से अधिक की सजा के बाद सदस्यता खत्म होने और छह साल तक किसी भी चुनाव के लिए अयोग्य घोषित किया जाता है।

रामदुलार गोंड से पहले दुद्धी सीट पर सत्ताधारी गठबंधन से विधायक रहे हरिराम चेरो को भी आर्म्स एक्ट के तहत कोर्ट ने तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। हालांकि तब तक हरिराम अपना कार्यकाल पूरा कर चुके थे और अपना दल-एस की सदस्यता छोड़कर बसपा में शामिल हो गए थे। जय बजरंग अखाड़ा समिति दुद्धी के अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रहरि ने कहा कि पीड़िता के साथ पीड़ादायक घटना हुई है। पीड़ित के साथ न्याय संगत उचित न्याय मिला है। टिकट दिलाने वाले लोगों के विरुद्ध पार्टी में कार्रवाई होना चाहिए। आगे भी टिकट देने से पहले उम्मीदवार के बारे में जानकारी लेने के बाद ही भाजपा टिकट देने का काम करें अन्यथा कई परेशानी से गुजरना पड़ेगा।

विधायक रामदुलार गोंड पर सजा सुनाए जाने के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल के अलावा ओमप्रकाश दुबे, मनोज सोनकर सहित अन्य पार्टी नेता भी कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। सभी को विधायक को कम सजा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन 25 वर्ष की सजा सुनते ही सभी मायूस हो गए। फैसले की जानकारी होने के तुरंत बाद सभी नेता वहां से निकल गए। दोषी करार दिए जाने के बाद से विधायक रामदुलार गोंड को न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया था। शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के लिए उन्हें जिला जेल से स्कार्पियो से कोर्ट परिसर लाया गया। वाहन के शीशे पर चारों तरफ पर्दे भी लगे थे। कड़ी सुरक्षा घेरे में वाहन से उतरने के बाद विधायक को सीधे कोर्ट में ले जाया गया। सजा पर बहस के दौरान विधायक कठघरे में खड़ा रहा। इसके बाद उसे कुर्सी पर बैठा दिया गया। सजा सुनाने के बाद उसे फिर उसी स्कार्पियो से ले जाया गया।

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