किरण को इस काम की प्रेरणा कलाकार व वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुकी पूनम राय से मिली. किरण की इस उपलब्धि पर बोलते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया होल्डर पूनम राय का कहना है कि किरण के मन में कला के प्रति वो सम्मान है, जो हर कलाकार के मन में होना चाहिए. कला के साथ वो बच्चों में आत्मरक्षा का पाठ भी पढ़ाती है. इसके लिए वो अपने गांव सभहीपुर से रोजाना बीस किलोमीटर साइकिल चलाकर बीआर फाउंडेशन आकर यहां बच्चों को ताइक्वांडो सिखाती हैं.
बच्चों को प्रशिक्षण देते समय ही किरण ने मुझे पेंटिंग करते हुए देखा था. तभी से उसके मन में वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की प्रेरणा मिली. किरण का नाम वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल होने के बाद गांव के लोगों को गर्व महसूस हुआ. जिसके बाद न्याय पीठ बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष स्नेहा उपाध्याय और कचहरी चौकी प्रभारी विनोद मिश्रा की टीम ने किरण व उनके माता-पिता को भी सम्मानित किया गया.

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