लखनऊ। यूपी में 18वीं विधानसभा गठन के लिए चुनावी बिसात बिछने लगी है। दलित, पिछड़ों के साथ ही भाजपा हो सपा या फिर बसपा..ब्राह्मणों का साथ पाने के लिए अपने हिसाब से फार्मूले बना रहे हैं। अब ऊंठ किस करवट बैठेंगा यह तो 10 मार्च को परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा कि ब्राह्मणों का साथ किसे मिला, लेकिन यह साफ है कि जिसको इनका साथ मिलता है, उसके लिए सत्ता की राह आसान हो जाती रही है। प्रदेश में करीब 11 फीसदी ब्राह्मण मतदाता हैं। दलित-ओबीसी की अपेक्षा ब्राह्मण मतदाता संख्या के आधार पर भले ही कम हैं, लेकिन माना जाता है कि राजनीतिक रूप से सत्ता बनाने और बिगाड़ने की भरपूर ताकत रखते हैं। यही वजह है कि ब्राह्मण समुदाय के नेता अपनी शर्तों पर पार्टियों में रहते हैं। उपेक्षा होने की स्थिति में वे शिफ्ट होते रहते हैं।
उपेक्षा पर होते रहे दूसरी पार्टियों में शिफ्ट
राजनैतिक प्रेक्षकों का मानना है कि ब्राह्मण समुदाय अपनी शर्तों पर चलता है। अगर उसे लगता है कि उपेक्षा हो रही है तो वह दूसरी पार्टियों में शिफ्ट हो जाता है। उदाहरण देते हुए कहते हैं कि ब्राह्मण व दलित हमेशा अलग रहा है, लेकिन 2007 के चुनाव में बसपा द्वारा मिले आश्वासन के बाद उनके साथ आ गया और फिर 2012 में सपा के साथ हो गया। 2017 में भाजपा के साथ चला गया।
योगी सरकार पर लग रहा उत्पीड़न का आरोप
ब्राह्मणों का वोट पाने के लिए उनका हितैषी बनने के लिए सबके अपने-अपने तर्क हैं। सपा-बसपा जहां विकास दुबे के मामले में खुशी दुबे और पूर्वांचल में ब्राह्मणों के उत्पीड़न का मामला उठा रहे हैं। इसके साथ ही हर मामलों में ब्राह्मणों की अनदेखी का आरोप सरकार पर विपक्षी लगा रहे हैं। वहीं भाजपा अपना तर्क दे रही है। उसका कहना है कि भाजपा ने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया।
कमेटी बनाकर ब्राह्मणों को साधने की रणनीति
भाजपा ब्राह्मणों को साधने के लिए रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए राज्यसभा सदस्य शिवप्रताप शुक्ला के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी पिछले दिनों दिल्ली में पार्टी के रष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर उन्हें कुछ जरूरी सुझाव भी दिए।
परशुराम के सहारे ब्राह्मणों को साधने में जुटी बसपा-सपा
अखिलेश और मायावती परशुराम के सहारे ब्राह्मणों को साधने में जुटी है। सपा ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे परशुराम की प्रतिमा लगवाया है। मायावती ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर भगवान परशुराम की मूर्ति तो लगवाएंगी ही साथ में अस्पताल, पार्क और बड़े निर्माण परशुराम के नाम पर कराएंगी।
यूपी विधानसभा में ब्राह्मण विधायकों का प्रतिनिधित्व
पार्टी 1996 2002 2007 2012 2017
भाजपा 14 08 03 06 46
बसपा 02 04 41 10 03
सपा 03 10 11 21 03
कांग्रेस 04 01 02 03 01
अन्य 02 02 01 01 04
योग 25 25 58 41 56
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