लखनऊ। प्रदेश में बीते चार वर्ष से भी ज्यादा समय से पदोन्नति की बाट जोह रहे राजस्व निरीक्षकों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के पदोन्नति कोटे के 602 रिक्त पदों पर प्रमोट करने के लिए राजस्व परिषद ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिस पर जल्द ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मुहर लगवाने की तैयारी है.

प्रदेश में राजस्व निरीक्षक के लगभग साढ़े चार हजार पद हैं. राजस्व निरीक्षक पदोन्नत होकर नायब तहसीलदार बनते हैं. राजस्व निरीक्षकों का नायब तहसीलदार के पद पर पिछला प्रमोशन 2016-17 में हुआ था. इसका पदोन्नति आदेश मई 2018 में जारी हुआ था. वहीं प्रदेश में नायब तहसीलदार के 1234 पद हैं जिनमें 50 प्रतिशत सीधी भर्ती और इतने ही पदोन्नति के हैं. इस तरह नायब तहसीलदार के 617 पद राजस्व निरीक्षकों की प्रोन्नति से भरे जा सकते हैं. पदोन्नति कोटे के 15 पद फिलहाल भरे हैं. इसलिए बचे हुए 602 पदों पर राजस्व निरीक्षकों को पदोन्नत करने का प्रस्ताव है. राजस्व निरीक्षक नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नत किये जाते हैं. नायब तहसीलदार के पद पर चयन उप्र लोक सेवा आयोग करता है. जिन पदों पर आयोग चयन करता है, उन पर प्रमोशन भी उसकी सहमति से होता है. इसलिए प्रस्ताव को आयोग की सहमति के लिए भेजने की तैयारी है.

राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के 602 रिक्त पदों पर प्रमोट करने का एक और फायदा यह होगा कि सूबे को इतने ही नायब तहसीलदार मिल जाएंगे. राजस्व निरीक्षकों का नायब तहसीलदार के पद पर प्रमोशन का तीसरा फायदा यह होगा कि रिक्त हुए राजस्व निरीक्षकों के पदों पर लेखपाल, संग्रह अमीन और भूमि अध्याप्ति अमीन पदोन्नत किये जा सकेंगे. राजस्व निरीक्षक के शत-प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाते हैं. इनके 72 प्रतिशत पद लेखपाल, 22 प्रतिशत संग्रह अमीन और छह प्रतिशत भूमि अध्याप्ति अमीन के प्रमोशन से भरे जाते हैं.