अधिवक्ताओं ने कृषि मंत्री को दिया दो टूक जवाब
दरअसल, दी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने मुख्य राजस्व अधिकारी के पद पर तैनात जगदम्बा प्रसाद सिंह पर भ्रष्टाचार, मनमाना पत्रावलियों में बिना बहस सुने आदेश करने का आरोप लगाकर उनके स्थानांतरण की मांग को लेकर एक वर्ष से आंदोलित है। इस संबंध में दर्जनों बार जिलाधिकारी से मिलने के बाद भी उनका स्थानांतरण नहीं हुआ। बल्कि 10 मार्च 2023 को जिलाधिकारी ने उन्हें उप संचालक प्रशासन का भी पद दे दिया। इस प्रकरण से अधिवक्तागण काफी खफा है। आज जब प्रभारी मंत्री पहुंचे तो एसोसिएशन के अध्यक्ष दयाशंकर पटेल ने कहा कि मुख्य राजस्व अधिकारी काफी भ्रष्ट अधिकारी है तथा इनकी सारी रिश्तेदारियां जनपद में है। इनके द्वारा अमर्यादित आचरण किया जाता है।
इनके न्यायालय में विधि सम्मत कार्य सम्पादित काफी दिनों से नहीं हो पा रहा है। मनमाना पत्रावलियों में बिना बहस सुने आदेश करते रहते है। इन्हें जिलाधिकारी का सह प्राप्त है। जिसके कारण इन्हें अवैध ढंग से उप संचालक प्रशासन का भी पद दे दिया गया। जिसकी शिकायत लखनऊ प्रमुख सचिव से की गई तब पता चला कि ये मंडी सचिव भी रहे है। इनके कार्य व्यवहार से अधिवक्ता व वादकारी काफी क्षुब्ध है। ऐसी दशा में इनका स्थानान्तरण या इनका जूडिशियल पावर सीज किया जाना नितांत जरूरी है। ताकि अधिवक्ताओं की समस्या व वादकारियों के प्रति भ्रष्टाचार से निजात मिल सके।
इस संबंध में पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि आज का कार्यक्रम नौटंकी था मै इसलिए इसको नौटंकी कह रहा हूं क्योंकि भ्रष्ट सीआरओ को हटाने के लिए सालों संघर्ष चला, कई पत्रक शासन में मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव को दिया गया। लेकिन सीआरओ को हटाया नहीं गया। अगर इस समय हटा नहीं सकते तो उनके कार्य को सीज तो कर सकते है। क्योंकि रोजाना बीसों फाइन को बिना सुने लौटाया जा रहा है। कल मंत्री जी ने पत्रक दिया गया था कि सीआरओ को रोका नहीं गया तो हम मतदान का बहिष्कार करेंगे।

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