अनोखा कीर्तिमान के लिए एक बार फिर से चुनावी मैदान में...
सभी चुनाव हार कर चुनाव हार का अनोखा कीर्तिमान बनाने में जुटे हसनुराम अपने चुनाव प्रचार के लिए किसी साधन के मोहताज नहीं हैं। वह अपनी साइकिल से ही चुनाव प्रचार के लिए निकल जाते हैं। उन्होंने बताया आज तक चुनाव प्रचार में एक रुपया भी खर्च नहीं किया है। हसनुराम ने बताया कि वे तहसील में अमीन थे। उनकी चुनाव लड़ने की इच्छा हुई तो उन्होंने एक पार्टी से टिकट मांगा। हसनुराम ने बताया कि टिकट तो मिला नहीं, वहां उनका मजाक उड़ाया गया कि घर से भी कोई वोट नहीं देगा।
इसके बाद वे 1985 से चुनाव तैयारियों में जुट गए और हर चुनाव को लड़ते आ रहे हैं। इतना ही नहीं हसनुराम ने राष्ट्रपति पद के लिए भी नामांकन किया था, लेकिन पर्चा निरस्त हो गया था। हसनुराम का गांव नगला दूल्हा खां में दो कमरों का मकान है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। गांव में ही मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। उनके बेटे दूर शहर में मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं।

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