नई दिल्ली। केंद्रीय गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि गैंगस्टर अबू सलेम को अधिकतम 25 साल की सजा का वादा पूरा किया जाएगा। यह वादा तत्कालीन डिप्टी पीएम लालकृष्ण आडवाणी ने सलेम के पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के वक्त वहां की सरकार से किया था।
ऐसे में माना जा रहा है कि 2030 में सलेम की 25 साल की सजा पूरी होने पर उसे रिहा कर दिया जाएगा। सलेम ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर कहा था कि भारत सरकार ने 2002 में पुर्तगाल सरकार से वादा किया था कि उसे न तो फांसी की सजा दी जाएगी, न ही किसी भी केस में 25 साल से अधिक कैद होगी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सलेम को 11 नवंबर 2005 को पुर्तगाल से भारत लाया गया था। इस केंद्र सरकार ने कहा कि वह गैंगस्टर सलेम की रिहाई पर साल 2030 में विचार करेगी। सरकार उस वादे को पूरा करेगी जो अबू सलेम के प्रत्यर्पण के वक्त तत्कालीन उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने किया था।
शीर्ष कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय गृह ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की ओर से दायर जवाब में कहा गया है कि 25 साल अधिकतम कैद की सजा की ये मियाद 10 नवंबर 2030 को खत्म होगी। उससे पहले नहीं, जैसा कि अबू सलेम दावा कर रहा है। ऐसे में अबू सलेम का अभी से ही मुंबई के विशेष टाडा कोर्ट की ओर से दी गई उम्रकैद की सजा पर सवाल उठाते हुए रिहाई की मांग करना गलत है।
केंद्रीय गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट दायर हलफनामे में यह भी स्पष्ट किया है कि पुर्तगाल सरकार से किए गए वादे से केंद्र सरकार बंधी है। अदालतें भारतीय कानून के अनुसार सजा व फैसला दे सकती हैं। पुर्तगाल से किया गया वादा सरकार का विषय है, न कि अदालतों का। मामलों के गुणदोष के आधार पर कोर्ट को फैसला करना चाहिए। केंद्र का जवाब सुनने के बाद जस्टिस एसके कौल व जस्टिस एमएम सुंदरेश ने सलेम की याचिका पर 21 अप्रैल को आगे सुनवाई तय की।
सलेम केस की प्रमुख बातें व प्रमुख घटनाक्रम
- अबू सलेम 1993 के मुंबई बम धमाकों का दोषी है। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
- लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सलेम को 11 नवंबर 2005 को पुर्तगाल से भारत लाया गया था।
- उसके प्रत्यर्पण के पूर्व भारत सरकार ने 17 दिसंबर 2002 को पुर्तगाल सरकार से वादा किया था।
- सरकार ने कहा कि उसका वादा न्यायपालिका के लिए बंधनकारक नहीं है।
- सीबीआई ने भी अपने हलफनामे में कहा था कि यह वादा अदालतों के लिए बंधनकारी नहीं है।
- सलेम ने याचिका दायर कर कहा कि प्रत्यर्पण शर्त के अनुसार उसे 25 साल से ज्यादा जेल में नहीं रखा जा सकता।
- मुंबई की टाडा कोर्ट ने उसे 2017 में उम्रकैद की सजा दी है।
- सलेम की दलील है कि यह सजा शर्त व वादे के खिलाफ है।
- सलेम को 25 फरवरी 2015 को मुंबई के बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या के एक अन्य मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी गई।

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