शरद गुप्ता
आजमगढ़। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत आने वाली नॉर्थ ईस्ट जोन कल्चरल सेंटर दीमापुर नागालैंड द्वारा एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत आजमगढ़ के शारदा टॉकीज में सूत्रधार संस्थान आजमगढ़ उत्तर प्रदेश की प्रस्तुति आज शाम 5रू00 बजे मंचित की गई। ज्ञात हो की आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक आजमगढ़ के तत्कालीन सूबेदार बौन्दू अहीर पर केंद्रित यह की प्रस्तुति दर्शकों को भाव विभोर करते हुए जनपद के इतिहास को रेखांकित कर गई।
नौटंकी शैली में किया गया मंचन
नौटंकी शैली में मंचित किए गए इस प्रस्तुति में 1857 के संग्राम में आजमगढ़ की भूमिका और बौन्दू अहीर के नेतृत्व में किए गए बगावत की कहानी दर्शाई गई है। बौन्दू अहिर ने 2 जून 1857 को आजमगढ़ पुलिस लाइन में बगावत की और नाना जी पेशवा के साथ मिलकर फैजाबाद लखनऊ से होते हुए कानपुर तक की लड़ाई लड़ी। इस लड़ाई में उनके साथ उनका बेटा रामटहल भाई किशन सिंह और होने वाला दामाद माधव सिंह शामिल थे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में यह पाया जाता है कि 17 वीं बटालियन के विद्रोहियों ने ज्यादा संघर्ष किया है और 17 वीं बटालियन के सूबेदार थे बौन्दू अहिर नाटक का सबसे मजबूत पक्ष अभिनेताओं का गायन व संगीत की धुने रही। जिसे भारतेंदु नाट्य अकादमी लखनऊ से पास आउट नीरज कुशवाहा ने संयोजित किया।
प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुति से वाहवाही
नक्कारे पर हरिश्चंद्र ढोलक पर सुनील ने भरपूर योगदान दिया। मंच पर केंद्रीय भूमिका में हरिकेश मौर्य के साथ आदित्य अभिषेक अंगद कश्यप संदीप गौड़ रितेश रंजन रंजीत कुमार सूरज यादव संजय ठाकुर डॉ अलका सिंह सुग्रीव विश्वकर्मा शुभम बरनवाल सत्यम चंदन आदि ने बहुत ही प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत किया। नाटक में नट नटी की भूमिका में शशिकांत कुमार व ममता पंडित ने वाहवाही बटोरी। इस नाटक का आलेख शेषपाल सिंह ने लिखा है इसका शोध कार्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रताप गोपेंद्र ने किया है और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त निर्देशक अभिषेक पंडित ने इस नाटक को निर्देशित किया है। कोविड-19 में समस्त नियमों का पालन करते हुए यह आयोजन बहुत सफल रहा इसमें संदेह नहीं जनपद के रंगकर्म के ख्याति प्रदेश के बाहर अन्य प्रदेशों तक पहुंच चुकी है। जिसका सुपरिणाम है कि नॉर्थ ईस्ट भूभाग की संस्थाएं भी जनपद के संस्थाओं से जुड़कर काम कर रही हैं। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर सीके त्यागी आए हुए समस्त आभार प्रकट किया।
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