मधुबन/मऊ। 18वीं विधान सभा चुनाव में अभी टिकट कटने व बंटने का सिलसिला जारी है। मधुबन में शुक्रवार को सपा के एक प्रत्याशी ने अपना नामांकन मऊ में दाखिल करके मधुबन में शहीद स्मारक पर लाव लश्कर के साथ आकर शहीदों को फूल मालाओं से आह्लादित किया साथ ही समर्थकों के साथ मिठाई बांटकर खुशियां भी मनाई।
नामांकन के बाद सुधाकर सिंह का कटा टिकट
लेकिन अगले ही पल खुशी गम में तब्दील हो गई। चर्चा उठी कि टिकट कट कर किसी दूसरे प्रत्याशी का हो गया। नतीजा यह हुआ कि इस खेमे की खुशी गम में बदल गई और दूसरे खेमे में खुशी आ गई। वहां उनके समर्थक मिठाई बांटने लगे। लेकिन शनिवार की देर शाम टिकट वहां से भी कटने की चर्चा जोरों पर होने लगी। इस बात की चर्चा जोरों पर रही।
उमेश चन्द्र पांडेय को मिला टिकट
बता दें विधानसभा 353 मधुबन में सपा का टिकट काफी इंतजार और उलट पुलट के बाद पूर्व विधायक सपा नेता सुधाकर सिंह को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने दिया था। इसे लेकर सुधाकर सिंह के खेमे में जबरदस्त खुशी थीं। उनके समर्थक खुशी से फुले नहीं समा रहे थे। इसी बीच शुक्रवार को सपा नेता सुधाकर सिंह का पर्चा दाखिल हो गया। देर शाम तक लोग उनके चुनाव जीतने की जातिगत समीकरणों पर आकलन लगाना शुरू कर दिए। लेकिन इसी बीच सुधाकर सिंह और उनके समर्थकों के लिए बुरी खबर आई। सूचना मिली कि पार्टी ने सपा का टिकट सुधाकर सिंह के धुर विरोधी उमेश चन्द्र पांडेय को दे दिया गया। यह सूचना मिलते ही सुधाकर सिंह के खेमे में खलबली मच गई। फोन मधुबन से लेकर लखनऊ तक घनघना उठे। पता चला कि उमेशचन्द पांडेय का टिकट हो गया है। उनके लोग खुशी भी मनाने लगे।
देर तक नहीं रही खुशी, कटा टिकट
लेकिन यह खुशी भी देर तक नहीं रही। शनिवार की दोपहर तक उनका भी टिकट कटने की सूचना आ गयी। जानकारी के अनुसार उमेशचन्द पांडेय विधानसभा स्थित एक मंदिर में पूजा पाठ करके पर्चा दाखिल करने वाले थे। शनिवार और रविवार छुट्टी का दिन होने के कारण पर्चा दाखिल नहीं हो सका। इसके बाद उमेशचन्द पांडेय फिर लखनऊ की ओर निकल पड़े। अब देखना है कि एक दूसरे के धुर विरोधियों में से किसको टिकट मिलता है या दोनों का टिकट काटकर किसी तीसरे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष भरोशा जताते है।
टिकट कटा नही है सिर्फ बदला गयाः दूधनाथ यादव
वैसे चर्चा में है कि शीर्ष नेतृत्व अब दोनों सामान्य वर्ग के लोगों का टिकट काटकर अब पिछड़े जाति को टिकट देने के मूड में है। जिसमें पिछली बार टिकट पाने के बाद भी चुनाव लड़ पाने से वंचित रही पूर्व विधायक कपिलदेव यादव की पुत्र वधू नाम सर्वाेपरि बताया जाता है। अंतिम घड़ी में उनका टिकट कट गया था। इस सम्बंध में जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव ने बताया कि किसी का टिकट कटा नही है सिर्फ बदला गया है।पार्टी जिसे भी टिकट देगी हम लोग मजबूती से उसके साथ रहेंगे।
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